मरवाही थाना क्षेत्र में एक 21 वर्ष पुराने अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में वर्षों से फरार चल रहे आरोपी रोहित कुमार परस्ते को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से लंबित था और आरोपी लगातार न्यायिक प्रक्रिया से बचता आ रहा था।
पूरा मामला वर्ष 2004 का है, जब थाना मरवाही में अपराध क्रमांक 45/2004 धारा 363, 366, 376 भादवि के तहत रोहित कुमार परस्ते (तत्कालीन उम्र 25 वर्ष, वर्तमान 46 वर्ष) निवासी लोहारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में अभियोग पत्र न्यायालय में पेश होने के बाद प्रकरण क्रमांक 371/2004 के रूप में विचाराधीन था। इसी मामले में माननीय एडीजे कोर्ट पेंड्रारोड ने आरोपी को 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन फैसला आने के बाद वह पुलिस व न्यायालय से बचता हुआ फरार हो गया।
आरोपी की लगातार गैरहाजिरी देखते हुए माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर द्वारा कई बार गैर-जमानती वारंट जारी किए गए, बावजूद इसके आरोपी गिरफ्त से दूर रहा। हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा पुनः जारी वारंट की तामिली के लिए मरवाही पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर लोहारी क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी रोहित परस्ते को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उसे एफटीसी कोर्ट पेंड्रारोड में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश जारी किया गए हैं।वही बतला दे कि रोहित परस्ते का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले हैं।
जिसमे अपराध क्रमांक 66/2010 (धारा 147, 294, 506), अपराध क्रमांक 75/2014 (धारा 342, 294, 506, 323) तथा हाल का अपराध क्रमांक 126/2025 (धारा 420)—पंजीबद्ध हैं। इन मामलों में भी वह लंबे समय तक फरार रहा। इसके अतिरिक्त उसके विरुद्ध 5 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई धारा 107, 116 तथा 110 जाफौ के तहत की जा चुकी है। लगातार आपराधिक गतिविधियों और सुधार न दिखने पर वर्ष 2025 में उसे गुंडा-बदमाश श्रेणी में भी शामिल किया गया।इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी शनिप रात्रे, आरक्षक नारद जगत, मनोज मरावी, अनुरूप पैकरा, अमितेश पात्रे एवं महिला आरक्षक कमलेश जगत की विशेष भूमिका रही। पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।