18 अगस्त से लगातार अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एनआरएचएम कर्मचारियों ने आज 15वें दिन भी धरना प्रदर्शन किया। इस कड़ी में आज जिले के लगभग 200 कर्मचारियों ने शासन के उस आदेश की प्रतियां जलाईं जिसमें शासन की ओर से कहा गया है कि आप काम पर लौटें।
अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के लगभग 200 एनआरएचएम कर्मचारियों का 15वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा, जहां पर आज इन्होंने काम पर लौटने के शासन के आदेश की प्रतियां जलाईं और इसे दमनकारी आदेश बताया। साथ ही आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अपने खून से पोस्टकार्ड लिखकर अपनी मांगों को जायज बताया और मांगें पूरी करने को कहा है।
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दरअसल, 18 अगस्त से लगातार अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एनआरएचएम कर्मचारियों ने आज 15वें दिन भी धरना प्रदर्शन किया। इस कड़ी में आज जिले के लगभग 200 कर्मचारियों ने शासन के उस आदेश की प्रतियां जलाईं जिसमें शासन की ओर से कहा गया है कि आप काम पर लौटें, साथ ही इस आदेश को हड़तालियों ने शासन का दमनकारी आदेश बतलाया है। वहीं हड़तालियों ने शासन प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचने को प्रदेश के मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अपने खून से पोस्टकार्ड लिखा है, जिसमें अपनी मांगों को पूरा करने का निवेदन किया है।
वहीं एनआरएचएम कर्मचारियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ा है। साथ ही हड़तालियों का साफ-साफ कहना है कि इस बार वे आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। हड़तालियों की मुख्य मांगें नियमितीकरण/ स्थायीकरण, ग्रेड पेय निर्धारण, मेडिकल अवकाश एवं अनुकंपा नियुक्ति सहित 10 सूत्रीय मांग हैं।