कलेक्टर की अध्यक्षता में जिले के 27 हिट एंड रन मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें 22 मामलों में पीड़ितों को मुआवजा राशि वितरित कर दी गई है। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट स्थित अरपा सभा कक्ष में हाल ही में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक टक्कर मारकर भागने वाले वाहन दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर स्कीम पर केंद्रित थी। कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने इसकी अध्यक्षता की।
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बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी सहित समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। परिवहन विभाग ने जिले में लंबित और निराकृत हिट एंड रन प्रकरणों की जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि कुल 27 मामलों में दुर्घटनाकारित वाहनों का पता लगाया जा चुका है। इनमें पेंड्रारोड क्षेत्र के 13, पेंड्रा क्षेत्र के 7 और मरवाही क्षेत्र के 7 प्रकरण शामिल हैं। इनमें से 22 मामलों में साधारण बीमा परिषद द्वारा दावाकर्ताओं के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से प्रतिकर राशि जमा कर दी गई है। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने लंबित मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। पात्र हितग्राहियों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया। कलेक्टर ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देना शासन की प्राथमिकता है।
बैठक में भारत सरकार की हिट एंड रन मोटर दुर्घटना प्रतिकर योजना की जानकारी दी गई। इस योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के कानूनी प्रतिनिधियों को दो लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पचास हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश रावटे, सभी एसडीएम और थाना प्रभारी भी बैठक में उपस्थित थे।