राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की ओर से 19 जून सोमवार को सुनवाई होगी। कलेक्ट्रेट के अरपा सभाकक्ष में होने वाली इस सुनवाई के लिए सुबह 9 बजे से पंजीयन शुरू हो जाएगा। इसके बाद 11 बजे से सुनवाई निवारण किया जाएगा। पंजीयन और सुनवाई में कोई भी व्यक्ति जिनमें बच्चे, माता-पिता, संरक्षक, देखभालकर्ता या बाल अधिकारों के लिए काम करने वाला कोई अन्य शामिल होकर अपनी शिकायतें प्रस्तुत कर सकते हैं।
आयोग की सदस्य डॉ. दिव्या गुप्ता के दल की ओर से ब्लॉक और जिलों का दौरा करके बाल अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध शिकायतें और सुनवाई की जा रही है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बताया कि 18 वर्ष की आयु तक के बालकों से संबंधित शिकायतें आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती हैं।
ये शिकायतें सुनी जाएंगी
- घरेलू श्रम के रूप में खतरनाक व्यवस्था में बाल श्रम को लगाना
- देय राशि का भुगतान न करना
- माता-पिता, अभिभावकों, अन्य व्यक्ति के साथ सड़कों पर भीख मांगना
- एसिड अटैक से संबंधित मामले
- बच्चा सड़क पर उत्पाद बेच रहा है
- जबरन भीख मंगवाना
- बच्चे को पुलिस ने पीटा
- अवैध गोद लेना
- बच्चे के खिलाफ हिंसा, शोषण, हमला, परित्याग, उपेक्षा
- घरेलू हिंसा का शिकार बच्चा
- लापरवाही के कारण मौत
- एच.आई.वी. स्थिति के आधार पर बच्चे के साथ भेदभाव
- सी.सी.आई. में बच्चे के साथ दुर्व्यवहार
- इलेक्ट्रॉनिक, सोशल, प्रिंट मीडिया में बाल अधिकारों का उल्लंघन
- अपहरण, लापता बच्चा, आत्महत्या
- पड़ोस में स्कूल की अनुपस्थिति
- बुनियादी ढांचे की कमी
- कैपिटेशन शुल्क संबंधी
- स्कूल में शारीरिक दंड शारीरिक शोषण
- स्कूल प्रवेश से इनकार
- विकलांगता संबंधी सहायता शिकायत
- भेदभाव, यौन शोषण , मुआवजा
- शैक्षणिक प्राधिकरण द्वारा पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई
- स्कूल परिसर का दुरुपयोग
- स्कूल के भवन को बंद करने के मामले में वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
- यौन शोषण, मुआवजा, निष्क्रियता संबंधी
- रोग संबंधी, कुपोषण, मध्यान्ह भोजन
- नशीली दवाओं का दुरुपयोग
- बाल विकासात्मक विकारों के लिए पुनर्वास