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GPM News: आठ साल बाद भी शुरू नहीं हुआ पेंड्रा बाईपास का निर्माण, विधानसभा में विधायक धर्मजीत ने उठाया मुद्दा

Tue, 14 Jul 2026 08:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बहुप्रतीक्षित पेंड्रा बाईपास निर्माण का मामला मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठा। तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने बताया कि 2018 में शिलान्यास के आठ वर्ष बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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धर्मजीत सिंह ने उठाया पेंड्रा बाईपास का मुद्दा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बहुप्रतीक्षित पेंड्रा बाईपास निर्माण का मामला मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठाया गया। तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से यह मुद्दा उठाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में 13 किलोमीटर लंबे बाईपास का शिलान्यास हुआ था।
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आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र की जनता में भारी नाराजगी है। लोग आंदोलन के लिए मजबूर हो गए हैं। बाईपास निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और पत्रकार क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। धर्मजीत सिंह ने कहा कि यह केवल सड़क का नहीं, बल्कि जनहित और क्षेत्र के विकास का विषय है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एक सीमावर्ती और आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहां सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए बाईपास अत्यंत आवश्यक है।

विधायक ने सदन को बताया कि वर्ष 2018 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 54.25 करोड़ रुपये थी। यह लागत अब बढ़कर 105 करोड़ रुपये हो गई है। भूमि अधिग्रहण की लागत भी 10 करोड़ रुपये से बढ़कर 54.71 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। इस परियोजना से कुल 286 किसान प्रभावित होंगे।
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धर्मजीत सिंह ने अध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आग्रह किया। उन्होंने जिला कलेक्टर और अधिकारियों को आंदोलनरत लोगों से चर्चा का निर्देश देने को कहा। शासन बाईपास की वर्तमान स्थिति, भूमि अधिग्रहण और संभावित समयसीमा की स्पष्ट जानकारी जनता को दे। इससे भ्रम समाप्त होगा और आंदोलन का समाधान निकल सकेगा। उन्होंने पत्रकारों की भूख हड़ताल को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री से संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की मांग की।

 

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