फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG News: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में कबीर चबूतरा, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक

Mon, 29 Jun 2026 06:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

छत्तीसगढ़ का कबीर चबूतरा देशभर के श्रद्धालुओं, कबीरपंथियों और पर्यटकों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है
विज्ञापन
कबीर चबूतरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ का कबीर चबूतरा देशभर के श्रद्धालुओं, कबीरपंथियों और पर्यटकों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में अमरकंटक के समीप स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह संत परंपरा और सामाजिक समरसता का जीवंत संदेश देता है।

विज्ञापन


लोकमान्यताओं के अनुसार, इसी पावन स्थल पर संत कबीर दास और सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की ऐतिहासिक भेंट हुई थी। कहा जाता है कि दोनों महान संतों ने यहां मानवता, धर्म, समानता और आध्यात्मिक चिंतन पर विस्तृत संवाद किया। 

इसी कारण कबीर चबूतरा को सांप्रदायिक सौहार्द और भारतीय संत परंपरा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि संत कबीर ने यहां वर्षों तक साधना की थी। उन्होंने अपने प्रमुख शिष्य धर्मदास को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान किया था।
विज्ञापन


परिसर में लगभग 500 से 600 वर्ष पुरानी कबीर कुटी आज भी मौजूद है। यहां एक विशाल वटवृक्ष भी है जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। कबीर चबूतरा का एक प्रमुख आकर्षण कबीर सरोवर है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे के बीच सरोवर के जल पर दूध जैसी सफेद धुंध दिखाई देती है। श्रद्धालु इसे एक चमत्कारिक घटना के रूप में देखते हैं। यह क्षेत्र घने साल के जंगलों से घिरा है और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। यहां से सोननदी के उद्गम स्थल सोनमूड़ा तक लगभग 8.5 किलोमीटर का ट्रेकिंग मार्ग है। यह मार्ग पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।

छत्तीसगढ़ में संत कबीर की शिक्षाओं का प्रभाव आज भी व्यापक रूप से दिखाई देता है। प्रदेश का कबीर पंथ उनकी समता, प्रेम, भाईचारे और मानवता के संदेश को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से कबीर चबूतरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह न केवल प्रदेश की अमूल्य धरोहर है, बल्कि भारतीय संत परंपरा का भी प्रतीक है। यह स्थल आध्यात्मिक विरासत का एक अनमोल प्रतीक भी माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें