अमरकंटक से मुंडन संस्कार कराकर लौट रहा एक मालवाहक वाहन आज अमरकंटक गौरेला मार्ग पर स्थित सिद्ध बाबा पहाड़ी के पास अनियंत्रित होकर लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मुंडन के लिए लाई गई मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार अन्य 20 से 22 लोग घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि बच्ची का सिर धड़ से अलग हो गया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी जान चली गई।सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।।
पूरा मामला गौरेला के सिंगल टोला के रहने वाले परिवार के लोग आज अमरकंटक गए हुए थे। जहां अपर तान्या उम्र 6 माह की बच्ची मुंडन संस्कार पूरा कर वापस लौट रहे थे। सभी 20 से 22 यात्री एक मालवाहक पिकअप वाहन में सवार थे, माल वाहक सामान ढोने के लिए उपयोग किये जाने वाला वाहन।
वाहन जैसे ही सिद्ध बाबा के पास पहुंचा, अनियंत्रित होकर सीधे खाई में गिर गया। जिसके साथ ही चीख पुकार मच गई। वाहन 3 से 4 गुलाटी खाने के बाद खाई में पलट गई। आसपास के लोगों ने तत्काल 112 और साथ 108 और स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और 108 की टीम ने सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर सभी का इंतजार जारी है।
12 से 15 लोग घायल है। जहां उनका इलाज जारी है। तो कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर रेफर करने की तैयारी है। हालांकि घटना के बाद 112 की टीम ने मालवाहक वाहन के चालक को भी हिरासत में ले लिया है।
मालवाहक वाहन में यात्रियों को बैठाना एक बार फिर हादसे की वजह बन गया है ।इस पूरे घटना का दुखद पहलू यह भी है कि जिस बच्ची का मुंडन कराने पूरा परिवार अमरकटक गया हुआ था। हादसे में उसी 6 माह की बच्ची तान्या का सिर धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद से बच्ची के माँ और पिता के साथ पूरा परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।ऐसा पहली बार नहीं है जब यात्रियों को सामान ढोने वाले वाहन में बैठाकर यात्रा कराई गई हो और उसकी कीमत जान से चुकानी पड़ी हो। यह हादसा फिर एक बार यह सवाल खड़ा करता है कि मालवाहक वाहनों में यात्रियों की ढुलाई कब तक जारी रहेगी? परिवहन नियमों की अनदेखी और ओवरलोडिंग की छूट आखिर कब तक जानलेवा साबित होती रहेगी?