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पीएम आवास योजना: ठेकेदार ने बैगा समुदाय के दो लोगों से हड़पे 2.40 लाख, घटिया सामग्री से बनाया अधूरा मकान

Fri, 23 May 2025 11:48 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव धनौली में बैगा आदिवासियों के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले आवास में धोखाधड़ी कर उनके पैसा को हजम करने का मामला सामने आया है।
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घटिया सामग्री से बना अधूरा पड़ा मकान - फोटो : अमर उजाला
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गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव धनौली में बैगा आदिवासियों के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले आवास में धोखाधड़ी कर उनके पैसा को हजम करने का मामला सामने आया है। 2016-17 में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजन के तहत मकान आजतक पूरा नहीं हुआ जबकि आवास योजना का पूरा पैसा ठेकेदार के द्वारा निकाल कर हजम कर लिया गया। अब मामले के सामने आने के बाद आरोपी ठेकेदार के खिलाफ जनपद सीईओ की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

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गौरेला जनपद पंचायत क्षेत्र के बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव धनौली के बैगा पारा में रहने वाले केशलाल बैगा और बलसिंह बैगा को 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिला था। जिसके बाद कम पढ़े लिखे इन बैगा आदिवासियों को झांसे में लेकर ठेकेदार दीपक यादव ने दोनों लोगों से संपर्क कर उन्हें जल्द से जल्द प्रधानमंत्री आवास बनाकर देने की बात करते हुए सहमति ले ली। ये बैगा आदिवासी भी ठेकेदार दीपक यादव की बातों पर भरोसा कर अपने खाते में आए पीएम आवास योजना के तहत पैसे को निकालकर ठेकेदार दीपक यादव को दे दिए। दोनों खातों से कुल 2 लाख 40 हजार रुपये दीपक के द्वारा निकाल लिए गए और थोड़ा बहुत मकान में निर्माणकार्य कराया गया, वो भी घटिया सामग्री से और उसके बाद ठेकेदार के द्वारा कोई भी काम नहीं कराया गया। आजतक पूरा मकान पूरी तरह जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है। 

पीड़ितों के द्वारा जब ठेकेदार से संपर्क किया जाता तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं देता जिसके बाद धीरे-धीरे करते हुए 8 साल बीत गए पर इन बैगा आदिवासी के आवास आजतक भी नहीं बना है। मामले के सामने आने के बाद  जनपद पंचायत गौरेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मामले की जांच की। जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि के बाद उन्होंने थाना प्रभारी गौरेला को मामले में शिकायत पत्र लिखा जिसपर गौरेला पुलिस ने दीपक यादव के खिलाफ धारा 420 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस मामले में जांच कर रही है। उधर, 8 साल बीत जाने के बाद अब जब ठेकेदार को कहीं से उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की भनक लगी तो वो फिर से केशलाल बैगा के घर वही घटिया निर्माण सामग्री से घर बनाने की तैयारी कर रहा है।

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