जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जेसीसीजे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित बकरीद (ईद-उल-अजहा) शुभकामना पोस्टर को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में अमित जोगी की शिकायत पर गौरेला थाना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच गौरेला पुलिस ने शुरू कर दी है।
पूरा मामला सोशल मीडिया पर एक पोस्टर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें अमित जोगी के नाम और तस्वीर का उपयोग करते हुए बकरीद की शुभकामनाएं दी गई थी। पोस्टर में बकरे और गाय के परछाई वाली तस्वीरें भी जोड़ी गई थी। जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। पोस्टर के वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
इस मामले में अमित जोगी ने स्पष्ट किया है कि उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी कोई भी विवादित पोस्ट साझा नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ शरारती व असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी मूल पोस्ट के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी पोस्टर तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। उनका कहना है कि इस कृत्य का उद्देश्य उनकी राजनीतिक एवं सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाना, जनता के बीच भ्रम फैलाना था।
मामले को गंभीर बताते हुए अमित जोगी ने गौरेला थाना पहुंचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।जिसके बाद गौरेला पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात फेसबुक यूआरएल धारक तथा “छत्तीसगढ़िया चौपाल” नामक फेसबुक पेज के संचालकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196, 197, 336(2), 336(3), 356, 356(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी और 67 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पोस्टर तैयार करने और प्रसारित करने वालों की पहचान की जाएगी।
वहीं अमित जोगी ने साइबर सेल की सहायता से दोषियों का पता लगाकर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया से भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट को तत्काल हटाने की मांग की है। इस मामले में गौरेला थाना प्रभारी शनिप रात्रे का कहना है अमित जोगी की लिखित शिकायत पर अज्ञात फेसबुक यूआरएल धारक और एक फेसबुक पेज संचालक के खिलाफ बीएनएस व आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है।