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लापरवाही ले डूबी गांव: बारिश से घरों में घुसा पानी, रेल लाइन निर्माण में जुटी कंपनी पर फूटा गुस्सा

Wed, 16 Jul 2025 12:48 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

पेंड्रारोड इलाके में रेल लाइन का निर्माण कर रही निजी कंपनी की लापरवाही गांव पर भारी पड़ गयी। जब बारिश का पानी गांव में घुस आया और लोगों के घुटनों तक पानी भर गया। ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
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गांव में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पेंड्रा रोड सारबहरा होते हुए गेवरा रोड जाने वाले रेल लाइन निर्माण कंपनी का निर्माण कार्य के दौरान बरती गई अनिमितता का खामियाजा अब ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते पतरकोनी गांव में घुटनों तक पानी भर गया है। जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

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रेलवे के द्वारा गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था न बनाए जाने लोग सारी रात परेशान होते रहे और रात में ही जेसीबी की मदद से पानी निकासी की व्यवस्था की। जब कही जाकर राहत की सास ली है। ग्रामीण रेल प्रशासन व रेल ठेका कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया है।

कल शाम से जीपीएम जिले और अमरकंटक इलाके में लगातार बारिश होने के कारण पतरकोनी गांव में पानी भरने लगा और रात होते होते बारिश का पानी गांव में घुस गया। स्थिति यह हो गई कि पानी लोगों के घरों में घुसने लगा। घर के लोग सड़कों पर आकर घरों में घुस रहे पानी को रोकने का प्रयास करने लगे।
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पतरकोनी गांव के ग्रामीणों ने रेलवे ठेका कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि पेंड्रा रोड से सारबहरा गेवरा रोड रेल लाइन निर्माणकार्य करने वाली कंपनी के द्वारा जल निकासी का रास्ता को गुपचुप तरीके से रात के अंधेरे में बंद कर दिया गया।

अब पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध है। कई बार मांग करने के बावजूद पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया, जिससे बारिश का पानी गांव में भर गया है। लगातार गांव के बारिश के पानी के भराव के हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने पटवारी के माध्यम से प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। जिसके बाद जेसीबी की मदद से सुबह 4 बजे तक ग्रामीणों के द्वारा तात्कालिक पानी निकासी के लिए नाला बनाया गया। तब कहीं जाकर पानी कम होना शुरू हुआ और लोग राहत की सांस लीं। पर जब तक पानी उतरता तब तक लोगों के घर के अंदर घुटनों तक पानी भर गया था। लोगों के द्वारा खेतों में लगाए गए फसल भी रेलवे की लापरवाही के चलते खराब हो गई। लोगों का कहना है कि यदि तत्काल समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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