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जीपीएम: फेसबुक पोस्ट पर कांग्रेस नेता प्रीति मांझी ने दी सफाई, बोलीं- नक्सलियों का करती हैं विरोध, जानें मामला

Fri, 21 Nov 2025 01:06 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

सार

जीपीएम की रहने वाली युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सहसचिव प्रीति मांझी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पोस्ट पूरी तरह व्यक्तिगत था और उसमें नक्सलियों के समर्थन जैसी कोई बात नहीं थी।
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कांग्रेस नेता प्रीति मांझी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जीपीएम की रहने वाली युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सहसचिव प्रीति मांझी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका पोस्ट पूरी तरह व्यक्तिगत था और उसमें नक्सलियों के समर्थन जैसी कोई बात नहीं थी। प्रीति ने बताया कि उन्होंने जो एआई जनरेटेड ‘लाल सलाम’ लिखा था वह छत्तीसगढ़ की परंपरा जल, जंगल, जमीन के समर्थन में डाला गया था, जिसका कांग्रेस पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

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यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय सहसचिव प्रीति मांझी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद शुरू हो गया है। उन्होंने अपनी फेसबुक स्टोरी पर माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा के समर्थन में “लाल सलाम कामरेड हिड़मा” लिखा। हिड़मा झीरम घाटी समेत 26 से अधिक नरसंहार का मास्टरमाइंड रहा है, जिसमें कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने भी जान गंवाई थी। आंध्र प्रदेश में ग्रेहाउंड फोर्स द्वारा हिड़मा के ढेर किए जाने के बाद यह पोस्ट और भी विवादित हो गई है।अब मामले में प्रीति ने प्रतिक्रया दिया है और कहा है ये पोस्ट उनकी वक्तिगत है और वे नक्सलियों का खुलकर विरोध करती है।

प्रीति मांझी ने कहा कि वे झीरम घाटी हमले में जान गंवाने वाले कांग्रेस नेताओं का सम्मान करती हैं और नक्सलियों द्वारा किया गया वह कृत्य अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने यह भी अपील की कि नक्सल संगठन मुख्यधारा और संविधान के रास्ते पर लौटें। हिडमा एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों पर प्रीति मांझी ने कहा कि हिडमा की मां द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार, हिडमा की मां ने दावा किया है कि 6 लोगों को हिरासत में लेने के बाद फर्जी मुठभेड़ दिखाया गया और बाकी लोगों को सरेंडर कराया गया। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सच हैं तो इसकी जांच आवश्यक है ताकि सच सामने आ सके।
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