शैक्षणिक स्तर को लेकर कलेक्टर गंभीर
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बीते शैक्षणिक वर्ष में परीक्षा परिणाम संतोष जनक नहीं आने के बाद जिले की कलेक्टर शैक्षणिक स्तर बढ़ने और बच्चों के परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। कलेक्टर स्कूलों में छात्रों से सीधे संवाद करने से लेकर उन्हें कैरियर गाइडेंस और शिक्षकों पर नकेल कसने और लगातार निगरानी करने के प्रशासनिक प्रयास के बाद अब कलेक्टर अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणाम के बाद संकुल स्तर पर निजी एवं सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं से जिला प्रशासन की टीम के साथ सीधे संवाद कर उन्हें टाइम मैनेजमेंट एवं पढ़ाई के प्रति ईमानदार रहने जैसी अनेक सलाह दे रही है साथ ही सभी समस्याओं को ठीक करने का आश्वासन देकर पूरा फोकस पढ़ाई पर करने के लिए प्रेरित कर रही है।
आदिवासी जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही शुरू से प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर खेल कूद में आगे रहा है,पर बीते एक-दो वर्षों से जिले का परीक्षा परिणाम लगातार नीचे गिरता रहा है जिसकी वजह से जिले में पद स्थापना के बाद से जिले की कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने इसे गंभीरता से लेकर शैक्षणिक स्तर ऊंचा करने प्रयासरत है जिस क्रम में सबसे पहले उन्होंने शिक्षकों पर नकेल लगाने से लेकर शिक्षा के प्रति अपना सत प्रतिशत देने के लिए उन्हें प्रेरित किया एवं लापरवाह शिक्षकों पर लगातार कार्यवाही भी की , इसके साथ ही कलेक्टर अपने दौरे मैं नियमित रूप से किसी न किसी स्कूल में भ्रमण कर वहां के छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर रही हैं।
वहीं जिले का अर्धवार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अब जिले की कलेक्टर तीनों विकास खंड के अलग-अलग संकुलों में जाकर उसे संकुल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों के टॉप 3 छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उन्हें और बेहतर परिणाम लाने के लिए प्रेरित कर रही हैं साथ ही उनके प्रश्नों को सुनकर उन्हें कैरियर गाइडेंस देने एवं टाइम मैनेजमेंट के साथ पढ़ाई के प्रति ईमानदार रहने जैसे कई टिप्स भी दे रही हैं। कलेक्टर ने अपने कार्यक्रम में किसी भी तरह की औपचारिकताएं न करने की हिदायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी से लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित प्राचार्य को दे दी है। कलेक्टर को अपने बीच पाकर छात्र छात्राओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है कलेक्टर की यह पूरी कवायत जिले के शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाकर बेहतर परिणाम लाने के लिए है अपने हर दौर में छात्राओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर कलेक्टर उनसे स्कूलों की समस्याओं से भी अवगत होकर उनके निराकरण के लिए प्रयास कर रही हैं।