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GPM: रेत के अवैध उत्खनन के दौरान मिट्टी धसकने से मजदूर के दोनों पैर टूटे, जिला श्रम अधिकारी ने कही ये बात

Wed, 29 May 2024 04:34 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

मरवाही में रेत के अवैध उत्खनन के दौरान रेत खदान के ऊपर का मिट्टी धसकने से एक नाबालिग मजदूर के दोनो पैर टूट गए आनन- फानन में उसे उत्खनन करवाने वाले ट्रैक्टर मालिक के द्वारा इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।  
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मिट्टी धसकने से मजदूर के दोनों पैर टूटे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिले में अवैध तरीके से उत्खनन और उत्खनन के दौरान हादसे थमने का नाम ही नही ले रहा है। अभी गौरेला के दर्री गाव स्थित अवैध मुरुम खदान में मुरुम उत्खनन के दौरान एक मजदूर की मौत का मामला अभी ठंडा भी नही हुआ था की अब मरवाही में रेत के अवैध उत्खनन के दौरान रेत खदान के ऊपर का मिट्टी धसकने से एक नाबालिग मजदूर के दोनो पैर टूट गए आनन- फानन में उसे उत्खनन करवाने वाले ट्रैक्टर मालिक के द्वारा इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है और पूरे मामले में लीपापोती करने में जुटा है।

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जिले में अवैध उत्खनन का कारोबार थमने का नाम ही नही ले रहा है। अभी गौरेला के दर्री गाव में अवैध तरीके से संचालित मुरुम खदान में दबकर एक व्यक्ति की मौत को एक सप्ताह ही बीते थे अब फिर मरवाही थाना क्षेत्र के पीपरडोल के सोननदी से रेत का अवैध उत्खनन में नाबालिग बच्चे से मजदूरी करवाने के समय अचानक रेत की खुदाई करने के दौरान ऊपर से मिट्टी का टीला पूरा बच्चे के ऊपर गिर गया जिससे बच्चा मिट्टी के ढेर में दब गया जिसके बाद बच्चे को उसके साथ मजदूरी करने गए अन्य लोगो ने आनन फानन में बच्चे को मिट्टी के ढेर से बाहर निकाला पर हादसे में नाबालिग की जान तो बच गई पर बच्चे के दोनो ही पैर टूट गए।
 

बच्चे का कहना है कि वो मरवाही के रहने वाले ट्रैक्टर मालिक राजेश यादव के द्वारा करवाए जा रहे रेत के उत्खनन में काम करते थे और घटना दिवस के दिन भी उसके कहने पर रेत का उत्खनन करने गए हुए थे तभी नीचे से रेत निकालने के दौरान ऊपर का मिट्टी का हिस्सा धसक गया और वो उसके नीचे दब गया था। घटना के बाद ट्रेक्टर मालिक ने बच्चे को पहले मरवाही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहा पर बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया वही फोन पर जब हमने मरवाही के शासकीय अस्पताल के बीएमओ से जानकारी ली और घटना की जानकारी पुलिस और एमएलसी क्यों नही कराए गए तो उन्होंने ठीकरा जिला अस्पताल के ऊपर फोड़ दिया।

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हालांकि इस गंभीर हादसे के मामले में जब हमने बाल मजदूरी करवाने के दौरान वो हादसे का शिकार हुए इस मामले में जिला श्रम अधिकारी से बात की तो उन्होंने मामले को गंभीर बतलाते हुए जांच और कार्यवाही किये जाने की बात कही है तो मामले में पुलिस अधिकारियों ने भी जांच कराकर दोषी व्यक्ति पर कार्यवाही करने की बात कही है।।तो हादसे में दोनों पैर टूट जाने के बाद ट्रेक्टर मालिक राजेश यादव के द्वारा खानापूर्ति करते हुए बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया और पूरे मामले से इति श्री कर ली अब बच्चे की कोई सुध नहीं ले रहा है और इस 15 साल के नाबालिक के परिजन परेशान है।।।तो ट्रेक्टर मालिक पूरे मामले में लीपापोती करते हुए मामले को दबाने में जुटा हुआ है।

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