गौरेला पेंड्रा मरवाही में पेंड्रा जनपद पंचायत में सर्व शिक्षा अभियान की बंद हो चुकी योजना की राशि में बड़ा घोटाला सामने आया है। बीआरसी प्रभारी ने जनपद सीईओ पर गंभीर आरोप लगाए है। आरोप है कि 24 लाख की शासकीय राशि खाते से निकाल कर गबन करने का आरोप लगाया गया है। वहीं जनपद सीईओ ने मामले में जांच की बात कही है।
6 से 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 86 वे संविधान संशोधन के साथ चालू किए गए सर्व शिक्षा अभियान के समग्र शिक्षा अभियान में विलय होने के बाद सर्व शिक्षा अभियान मद में जमा राशि को जिला मिशन समन्वयक ने शासन के निर्देशानुसार राज्य कार्यालय समग्र शिक्षा रायपुर के S N A खाते में जमा करने के लिखित स्पष्ट आदेश दिए थे, सितंबर माह में निकले इस आदेश का परिपालन तुरंत ही करना था पर पेंड्रा जनपद के जनपद सीईओ पर इस राशि के दुरुपयोग करने का आरोप लगा है, आरोप भी किसी और ने नहीं लगाया है बल्कि शासकीय अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान के BRC प्रभारी ने लगाया है उनका कहना है कि उनका खाता एक्सिस बैंक में था जिसमें 24 लाख 28 हजार सात सौ उन्तालीस रुपए जमा थे।
शासन के निर्देशानुसार इस राशि को शासन को वापस करना था , पर जब हमने खाता चेक किया तो पूरा खाता खाली था, इसके बाद जमा राशि के संबंध में बैंक से पत्राचार किया गया तो वहां से लेनदेन की जो जानकारी मिली, उसके अनुसार ₹ 2 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से पेंड्रा जनपद के लिपिक दीपक तिवारी के निजी खाते में ट्रांसफर किए गए,जबकि 228739 रुपए किसी पंचायत के खाते में ट्रांसफर हुए, जबकि 20 लाख रुपए किसी अन्य बैंक में ट्रांसफर कर दिए गए इस तरह पूरा खाता खाली हो गया।
मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि सर्व शिक्षा अभियान का प्रभारी BRC होता है इस मद में बैंक में संयुक्त खाता था जिसमें जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं बीआरसी के प्रभारी के संयुक्त हस्ताक्षर से ही पैसों का आहरण हो सकता था, मामले में गलत तरीके से BRC को ही हटाकर उसकी जगह जनपद के ही करारोपण अधिकारी कृपाल सिंह पैकरा को सेकंड सिग्नेटरी बना दिया गया जबकि प्रथम सिग्नेचरी तत्कालीन जनपद CEO संजय शर्मा रहे, दोनों ने हस्ताक्षर करके सर्व शिक्षा अभियान के मूल खाते को खाली कर दिया... मामले में पेंड्रा जनपद में पदस्थ वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी का कहना है कि यह लेनदेन उनके पदभार ग्रहण करने के पूर्व ही हुआ है जिसमें उनका कोई हाथ नहीं है , शिकायत आने के बाद जब जांच की गई तो यह सामने आया कि सर्व शिक्षा अभियान मद से पैसे निजी खाते के साथ अन्य खातों में ट्रांसफर हुए हैं इसका समायोजन जनपद के अन्य खातों से किया जा सकता है फिलहाल इसमें जांच टीम गठित की गई है जो मामले की जांच करेगी।
दरअसल केंद्र की मोदी सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान , साक्षर भारत, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को मिलाकर समग्र शिक्षा अभियान की शुरुआत की इसलिए अन्य मदों में जमा राशि शासन ने वापस लेकर समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से ही व्यय करने की का आदेश दिया और अब इस राशि में गड़बड़ झाला में दो शासकीय विभाग आमने-सामने आ गए हैं जो शासन प्रशासन के लिए बड़ा जांच का विषय है।