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GPM Accident: तेज रफ्तार सरकारी वाहन की चपेट में आया बाइक सवार, कमर की हड्डी टूटी; अस्पताल में भर्ती

Sun, 18 May 2025 09:43 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

बताया जा रहा है कि वाहन को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के यातायात प्रभारी चला रहे थे।हादसे में घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल छोड़कर यातायात प्रभारी चलते बने। जबकि घायल को गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए बिलासपुर भेजने की बात कही गई थी।
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GPM Accident - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में तेज रफ्तार सरकारी वाहन की चपेट में आकर एक बाइक सवार घायल हो गया। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के कमर की हड्डी टूट गई है। घायल हो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि वाहन को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के यातायात प्रभारी चला रहे थे। हादसे में घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल छोड़कर यातायात प्रभारी चलते बने, जबकि घायल को गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज के लिए बिलासपुर भेजने की बात कही गई है। कल दोपहर बाद 3 बजे अस्पताल ले गए संतोष विश्वकर्मा को रात 12 बजे संजीवनी एक्सप्रेस से किया गया बिलासपुर के लिए रेफर किया गया। 

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पूरा मामला गौरेला थाना क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया के रहने वाले संतोष विश्वकर्मा से जुड़ा हुआ है। शनिवार दोपहर वे अपनी बाइक से अपने घर से निकलकर पेंड्रा की ओर जा रहे थे। तभी घर से निकलने के बाद कुछ ही दूरी पर विपरीत दिशा से काफी तेजी से आ रहे सरकारी पुलिस वाहन को देख उन्होंने अपनी बाइक सड़क से नीचे उतारते हुए खेत की ओर कर ली ताकि तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से खुद को बचा सके। लेकिन अनियंत्रित वाहन ने संतोष विश्वकर्मा को सड़क की दूसरी तरफ टक्कर मार दी, तेज रफ्तार शासकीय वाहन की टक्कर से संतोष विश्वकर्मा छिटककर दूर जा गिरे और दर्द से कराहने लगे। 

जब सरकारी वाहन से वाहन चालक बाहर आए तो पता चला कि वे गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के यातायात प्रभारी हैं, जो खुद तेज गति से वाहन चला रहे थे। यातायात प्रभारी कुर्रे ने घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल पहुंचाया और वहां छोड़कर उन्हें चार हजार रुपये दिए और चलते बने। जांच में पता चला कि संतोष विश्वकर्मा के कमर की हड्डी टूट गई है, जिनका इलाज यहां नहीं हो सकता और इन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर भेजना पड़ेगा। गरीब होने की वजह से संतोष विश्वकर्मा निजी वाहन की व्यवस्था नहीं कर सके और अस्पताल में दोपहर  3 से रात 10 बजे तक उन्हें कहीं नहीं भेजा गया।
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संतोष विश्वकर्मा रोजी दिहाड़ी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, ऐसे में उन पर यह बड़ी विपदा आन पड़ी। जानकारी के मुताबिक देर रात मीडिया के सक्रिय होने के बाद संतोष विश्वकर्मा को रात 12 बजे के बाद संजीवनी एक्सप्रेस से बिलासपुर रेफर कर दिया गया है।

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