गौरेला में धान खरीदी केंद्र में प्रशासन की दबिश में किसान के नाम पर व्यापारी का धान बेचने का मामला पकड़ा गया। 200 बोरी धान और वाहन जब्त कर पुलिस को सौंपा गया। मामले में व्यापारी की भूमिका की जांच जारी है।
गौरेला पेंड्रा मरवाही के धान खरीदी केंद्र में प्रशासन की अचानक दबिश से हड़कंप मच गया। जांच के दौरान किसान के नाम पर व्यापारी का धान खपाने का मामला सामने आया। प्रशासन ने मौके से 200 बोरी धान और एक वाहन जब्त कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
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जानकारी के अनुसार प्रशासन की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गौरेला के तरईगांव निवासी किसान दुर्गेश केशरी आज गौरेला धान खरीदी केंद्र में बड़ी मात्रा में धान बेचने पहुंचने वाला है, जो वास्तव में व्यापारी का धान है। सूचना के बाद प्रशासनिक टीम खरीदी केंद्र पहुंची, जहां दुर्गेश केशरी 200 बोरी धान लेकर पहुंचा था।
धान वाहन में भरकर लाया गया था। संदेह होने पर अधिकारियों ने पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान किसान दुर्गेश केशरी ने स्वीकार किया कि 200 बोरियों में से केवल 17 बोरी धान ही उसका स्वयं का है, जबकि शेष धान एक व्यापारी का है, जिसे किसान के नाम पर खपाने का प्रयास किया जा रहा था।
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प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। मौके पर ही 200 बोरी धान और माजदा वाहन को जब्त कर लिया गया। जब्त धान और वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है। इस कार्रवाई से धान खरीदी केंद्र और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, अवैध भंडारण या किसानों के नाम के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित व्यापारी की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।