राजधानी रायपुर में सोने के कारोबार से जुड़ा एक बड़ा गबन मामला सामने आया है। सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी फर्म के कर्मचारी पर करीब 1600 ग्राम से ज्यादा सोना और व्यापारियों से वसूली गई रकम लेकर फरार होने का आरोप लगा है।
राजधानी रायपुर में सोने के कारोबार से जुड़ा एक बड़ा गबन मामला सामने आया है। सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी फर्म के कर्मचारी पर करीब 1600 ग्राम से ज्यादा सोना और व्यापारियों से वसूली गई रकम लेकर फरार होने का आरोप लगा है। घटना के बाद सराफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
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पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, महावीर नगर निवासी प्रदीप बजाज सदर बाजार के नाहटा मार्केट स्थित ‘मंत्रा गोल्ड’ नामक संस्था के पार्टनर हैं। संस्था थोक स्तर पर सोने के आभूषणों का कारोबार करती है। शिकायत में बताया गया है कि अरुण यादव वर्ष 2019 से संस्था में काम कर रहा था और उसे लंबे समय से कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण जिम्मे सौंपे गए थे।
आरोप है कि स्टॉक जांच के दौरान करीब 1250 ग्राम सोने के जेवर और 350 ग्राम शुद्ध सोना गायब मिला। इसके अलावा व्यापारियों से वसूली गई रकम में भी गड़बड़ी सामने आई। जब इस संबंध में अरुण यादव से पूछताछ की गई तो उसने कुछ सोना घर में होने की बात कही और उसे वापस लाने के लिए भेजा गया, लेकिन वह लौटकर नहीं आया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी लगातार फोन पर बहाने बनाता रहा और बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गया। इसके बाद जब कारोबारी उसके घर पहुंचे तो परिवार की ओर से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
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एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अरुण यादव ने अपने पिता राम समुझ यादव और पत्नी निशा यादव के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक पहलुओं समेत सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।