छत्तीसगढ के राजनांदगांव में डॉक्टर आपको आपके इलाज के खर्च में 25 फीसदी तक की छूट दे सकते हैं। आप चाहें तो एक खास पिज्जा कंपनी से 25 फीसदी की छूट ले सकते हैं।
यहां तक कि शहर के हलवाइयों से भी आप मिठाई पर दस फीसदी की छूट पा सकते हैं। लेकिन इसकी एक शर्त है।
शर्त ये कि आपको इन सबसे छूट लेने के लिए मतदान करने के सबूत के तौर पर उंगली पर लगा स्याही का निशान दिखाना होगा।
राजनांदगांव में लोकसभा के लिए 17 अप्रैल को मतदान होना है। इस हाई प्रोफाइल सीट पर राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में हैं।
कांग्रेस ने यहां लोधी समाज के कमलेश्वर वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। लेकिन इन उम्मीदवारों से कहीं अधिक चर्चा मतदाता जागरुकता को लेकर हो रही है।
पिछले कुछ समय से पूरे जिले में मतदाता जागरुकता की होड-सी लगी हुई है। मतदान करने के लिए तरह-तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, प्रस्ताव दिए जा रहे हैं, छूट की घोषणा हो रही है
सस्ता इलाज
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने तय किया है कि 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक जो भी मरीज इलाज के लिए आएगा, अगर उसकी उंगली में मतदान करने के बाद लगाई गई स्याही मिलेगी तो उसे चिकित्सा शुल्क में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी।
राजनांदगांव के डोंगरगढ के चिकित्सक डॉक्टर पन्नालाल बाफना कहते हैं, "एसोसिएशन के अलावा हम जैसे छोटे कस्बों में रहने वाले डॉक्टरों की भी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोग मतदान करें। आखिर लोकतंत्र की बेहतरी का सवाल है।"
राजनांदगांव शहर के मुख्य इलाके में ‘पंख रेस्टोरेंट’ चलाने वाले अतुल रायचा कहते हैं कि उनकी कोशिश है अधिक लोग मतदान के लिए प्रेरित हों। पंख रेस्टोरेंट में मतदान करने वाले लोगों को दस प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर प्रियंका शुक्ला इन ऑफरों को 'स्वीप' का प्रतिफल बताती हैं। 'स्वीप' यानी मतदाताओं को जागरुकता बनाने के लिए चुनाव आयोग का अभियान- सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रल पार्टिसिपेशन।
मतदान की 'प्रतिज्ञा'
मतदान के लिए जागरुकता फैलाने के लिए प्रियंका ने फेसबुक पर 'प्रतिज्ञा' नाम से पेज बनाया और फिर उससे लोगों को जोडने का सिलसिला शुरु किया।
स्वसहायता समूह, स्कूल, औद्योगिक घराने, व्यवसायिक घराने, खेल संघ, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और समाज के हर वर्ग को प्रतिज्ञा से जोडने की कोशिश की गई।
पिछले डेढ महीने में लोकसभा चुनाव के लिए प्रतिज्ञा ने अपना अभियान चलाकर कई लाख लोगों को जोडा है। इनमें डेढ लाख तो केवल स्वसहायता समूह से जुडी महिलाएं हैं, जिन्हें सीधे तौर पर मतदान के लिए चलाए गए अभियान में शामिल किया गया।
प्रियंका शुक्ला के पास इन अभियानों की एक लंबी फेहरिश्त है, लाखों लोगों की सहभागिता वाले डोंगरगढ मेले में मतदान की प्रतिज्ञा से लेकर महिलाओं का गुलाबी गैंग बनाकर गांवों में जागरुकता अभियान फैलाने तक।
वो बताती हैं, "धार्मिक आयोजनों में मतदान के लिए लोग प्रतिज्ञा कर रहे हैं। स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग में मतदान को लेकर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। जिले के हर कर्मचारी और अधिकारी को हम मतदान के लिए प्रतिज्ञा सूत्र बांध रहे हैं। यहां तक कि डाक्टर अपनी पर्ची पर मतदान की अपील लिख रहे हैं।"
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म की छत्तीसगढ इकाई के संयोजक गौतम बंदोपाध्याय इस तरह की कोशिश को लोकतंत्र को मजबूत करने वाला कदम बताते हैं।
गौतम कहते हैं, "मतदाताओं को मतदान करने के अलावा, सही उम्मीदवार के चुनाव के लिए भी प्रेरित करना जरुरी है और यह काम समाज के हरेक वर्ग को आगे आ कर करना होगा।"