छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में बागवानी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। यह योजना जशपुर जिले के किसानों के लिए लागू है, जिसमें सात प्रमुख बागवानी फसलों को शामिल किया गया है।
सहायक संचालक उद्यान करण सोनकर ने बताया कि योजना के अंतर्गत टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता और अमरूद का बीमा कराया जा सकता है। बेमौसम बारिश, कम या अधिक वर्षा, तापमान में असामान्य उतार-चढ़ाव, तेज हवा, अधिक आर्द्रता और प्रतिकूल मौसम के कारण कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान की भरपाई योजना के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। मुआवजे का निर्धारण वैज्ञानिक मौसम आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ ऋणी और अऋणी दोनों प्रकार के किसान उठा सकते हैं। किसानों को संबंधित फसल की निर्धारित बीमित राशि का केवल 5 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा।
योजना के तहत प्रति हेक्टेयर टमाटर के लिए 1.20 लाख रुपए, बैंगन के लिए 77 हजार रुपए, मिर्च के लिए 68 हजार रुपए, अदरक के लिए 1.50 लाख रुपए, केला के लिए 85 हजार रुपए, पपीता के लिए 87 हजार रुपए तथा अमरूद के लिए 45 हजार रुपए की बीमित राशि निर्धारित की गई है।
बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है। किसान ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही लोक सेवा केंद्रों और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया द्वारा विकासखंड स्तर पर नियुक्त प्रतिनिधियों के माध्यम से भी बीमा करा सकते हैं।
करण सोनकर ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करने और समय रहते बीमा कराने की अपील की है। उनका कहना है कि समय पर बीमा कराने से प्राकृतिक आपदाओं या प्रतिकूल मौसम के कारण फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक राहत मिल सकेगी।