Gariaband News: गरियाबंद जिले के राजा पड़ाव क्षेत्र के ग्रामीणों ने 10 जून को ऐसा कदम उठाया है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। कई लोग भावुक हो उठे। वर्षों से बिजली सेवा नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को पत्र लिखे। इस खत में गांवों में विद्युत उपलब्ध कराने की मार्मिक अपील की।
सरपंच चिमन नेताम, रामदेव मरकाम, साधुराम नेताम और पतंग मरकाम ने बताया कि यह किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं है बल्कि अपनी मांग को संवेदनशील तरीके से रखने का प्रयास है। वर्ष 2006 से अब तक हजारों पत्र सामान्य स्याही से लिखे गये, लेकिन उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन भी दिया गया पर हमेशा खाली हाथ लौटना पड़ा, इसलिए इस बार ग्रामीणों ने खून से खत लिखकर अपनी पीड़ा को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
संजय नेताम के अनुसार, अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया है कि क्षेत्र अभ्यारण्य के दायरे में आने के कारण राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की अनापत्ति के बिना विद्युतीकरण संभव नहीं है। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय केंद्र स्तर पर लिया जाना है। राज्य सरकार अकेले बिजली उपलब्ध नहीं करा सकती।
'केंद्र के सहयोग बिना संभव नहीं’
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि 21वीं सदी में क्षेत्र के लोगों को बिजली से वंचित होना किसी अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले दस साल से ग्रामीण लगातार बिजली की मांग कर रहे हैं और हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। इस संबंध में बिना केंद्र सरकार की मंजूरी के इन गांवों में बिजली नहीं आ सकता।