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छत्तीसगढ़ की महिलाओं से यूपी में गैंगरेप

Sat, 25 Jan 2014 10:35 AM IST
आलोक प्रकाश पुतुल/रायपुर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा ज़िले में एक नाबालिग समेत पांच महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीड़ित महिलाएं जांजगीर-चांपा और बलौदा बाज़ार ज़िले की निवासी हैं।
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छत्तीसगढ़ लौटने के बाद इन महिलाओं ने शुक्रवार रात मामले की रपट दर्ज कराई।इन महिलाओं के साथ कथित सामूहिक बलात्कार उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के शाहबाद थानाक्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर हुआ, जहां वे काम करती थीं।

ईंट-भट्ठा मज़दूर

जांजगीर-चांपा के पामगढ़ थाना के प्रभारी आरए छात्रे ने बताया कि पीड़ित महिलाएं अपने परिवार के साथ कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के शाहबाद में ईंट भट्ठे पर काम करने गई थीं।
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थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक 20 जनवरी की रात जब सभी मज़दूर ईंट भट्ठे के पास बनी झोपड़ी में सो रहे थे, उसी समय एक दर्जन से अधिक हथियारबंद गुंडे वहां पहुंचे।

उन्होंने पुरुषों के साथ मारपीट कर उनके पैसे लूट लिए और एक नाबालिग समेत पांच महिलाओं के साथ कथित सामूहिक बलात्कार किया।

पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने तत्काल इसकी सूचना ईंट भट्ठे के मालिक और मुंशी को दी। उनकी सूचना पर पुलिस अगली सुबह वहां पहुंची भी लेकिन बिना कोई कार्रवाई किए वहां से लौट गई।

बीबीसी ने जब इस संबंध में उत्तर प्रदेश के शाहबाद के थाना प्रभारी आरआर मिश्र से बात की तो उन्होंने कहा, ''ऐसी किसी घटना की जानकारी हमें नहीं है। हां, मज़दूरों के साथ मारपीट की खबर ज़रूर मिली थी।''

शुक्रवार रात मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़ित महिलाओं की चिकित्सकीय जांच कराई।

सरकारी संवेदनशीलता

जांजगीर-चांपा ज़िले के पुलिस अधीक्षक शेख़ आरिफ़ हुसैन ने बताया,“ धारा 376, 2जी, 34 के तहत सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज करने के बाद एक तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। यह टीम उत्तर प्रदेश के रामपुर जाकर मामले की पड़ताल करेगी।”

इस घटना के सामने आने के बाद बंधुवा मुक्ति मोर्चा के संयोजक स्वामी अग्निवेश ने कहा कि क्लिक करें छत्तीसगढ़ के मज़दूरों को देश के दूसरे राज्यों में बंधक बना कर रखने और उनके साथ क्लिक करें बलात्कार जैसी घटनाएं प्रकाश में आती रहती हैं। लेकिन राज्य सरकार इस मामले को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखाती है।

उन्होंने कहा, ''छत्तीसगढ़ से महिलाएं और पुरुष गरीबी के कारण दूसरे राज्यों में जाते हैं। पलायन जहां भी होता है, मजबूरी की अवस्था में उनका आर्थिक और दैहिक शोषण होता है। लेकिन राज्य सरकार इस पर ध्यान नहीं देती।''

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के रेसिडेंस कमिश्नर से हमने पलायन करने वाले मज़दूरों को लेकर कानूनी प्रावधानों को सुनिश्चित करने के लिए कई बार अपील की। लेकिन राज्य सरकार की उदासीनता के कारण कभी कानून का पालन नहीं होता, यह पीड़ादायक है।
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