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ऑपरेशन साइबर शील्ड: APK फाइल से मोबाइल हैक कर देशभर में ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, छह आरोपी गिरफ्तार

Tue, 18 Nov 2025 02:31 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

रायपुर रेंज साइबर थाना ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क को धर दबोचा है। यह नेटवर्क फर्जी मोबाइल एप बनाकर लोगों के फोन हैक करता था और बैंक खातों से लाखों रुपये गायब कर देता था।
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायपुर रेंज साइबर थाना ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क को धर दबोचा है। यह नेटवर्क फर्जी मोबाइल एप बनाकर लोगों के फोन हैक करता था और बैंक खातों से लाखों रुपये गायब कर देता था। पुलिस ने दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और पश्चिम बंगाल में दबिश देकर छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

गिरोह का मुख्य तकनीकी सदस्य धर्मजीत सिंह (लोणावाला, 18 वर्ष) ऐसे मोबाइल एप तैयार करता था जो सरकारी योजनाओं या बैंकिंग सेवाओं के असली एप की तरह दिखते थे। एपीके फाइलों के नाम भी बेहद भरोसा दिलाने वाले रखे जाते थे, जैसे RTO E-challan.apk, PM Kisan Yojna.apk, SBI YONO.apk, ICICI Bank.apk, AyushmanCard.apk, Fastag.apk आदि। इन फाइलों में डाले गए मैलिशियस कोड की मदद से किसी भी व्यक्ति का फोन पूरी तरह हैक हो जाता था।

फोन पर कब्जा होते ही खाली हो जाते थे खाते

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फर्जी एप इंस्टॉल करते ही अपराधियों को पीड़ित के फोन की ओटीपी, पासवर्ड, फोटो, मैसेज, बैंकिंग एप सब तक पहुंच मिल जाती थी। इसके बाद वे पीड़ित के खाते से तुरंत पैसा निकाल लेते थे और उसी फर्जी लिंक को पीड़ित की कांटैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को भेजकर ठगी का दायरा और बढ़ाते थे।

धर्मजीत तैयार APK फाइलों को टेलीग्राम के एक बड़े नेटवर्क में बेचता था, जहां लगभग 500 सक्रिय सदस्य इन्हें आगे WhatsApp ग्रुप में सरकारी योजनाओं के नाम पर फैलाते थे। यह पूरा नेटवर्क देशभर में फैला हुआ था। पैसा म्यूल खातों में भेजकर तत्काल निकासी की जाती थी। ठगी के बाद रकम को पहले म्यूल खातों में भेजा जाता था। सौरव कुमार और आलोक कुमार (बिहार) इन खातों के संचालन की जिम्मेदारी संभालते थे। चांद बाबू (शिवपुरी, MP) एटीएम से निकासी करता था। इसके बाद इरफान अंसारी (आसनसोल) और मारूफ अंसारी विभिन्न चैनलों के जरिए राशि को आगे ट्रांसफर कर देते थे, जिससे पुलिस के लिए ट्रांजैक्शन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।

रायपुर के दो मामलों में 17 लाख की ठगी
इसी गिरोह ने रायपुर में भी दो बड़ी ठगी को अंजाम दिया। अर्चना भदौरिया से RTOechallan.apk के जरिए 5.12 लाख और महेश कुमार साहू से PM Kisan Yojna.apk के नाम पर 12 लाख ठगी का शिकार हुए थे। टिकरापारा और राखी थानों में इन मामलों की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने फिलहाल आरोपितों के खातों में लगभग 2 लाख रुपये होल्ड कर लिए हैं।

आईजी अमरेश मिश्रा का बयान

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ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। छह आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब उनके बाकी साथियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस की चेतावनी और सुझाव

  • अज्ञात लिंक या APK फाइल कभी डाउनलोड न करें
  • एप केवल आधिकारिक स्टोर से ही लें
  • अनावश्यक परमिशन देने से बचें
  • फोन में एंटीवायरस जरूर रखें
  • फोन हैक होने पर तुरंत फ्लाइट मोड करें और सिम निकालें
  • साइबर ठगी की शिकायत 1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज करें

गिरफ्तार आरोपित

  • धर्मजीत सिंह (महाराष्ट्र) – मुख्य हैकर, फर्जी APK निर्माता
  • सौरव कुमार (बिहार) – म्यूल खाता संचालक
  • आलोक कुमार (बिहार) – म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाला
  • चांद बाबू (मप्र) – ठगी के पैसों की नकदी निकासी
  • इरफान अंसारी (आसनसोल) – फर्जी APK लिंक भेजने वाला
  • मारूफ अंसारी (महाराष्ट्र) – म्यूल अकाउंट कलैक्टर
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