स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंस लिमिटेड में 2.69 लाख रुपए के गबन के मामले में फरार चल रहे ब्रांच मैनेजर नितेश विश्वकर्मा को जशपुर पुलिस ने झारखंड के पलामू जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ बगीचा थाने में धारा 316(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। मामले में एक अन्य आरोपी सूरज कुमार भारती को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पैसे जमा नहीं कर खुद खर्च करते थे आरोपी -
12 अप्रैल को स्पंदना स्फूर्ति फायनेंस लिमिटेड बगीचा शाखा के मैनेजर नरेंद्र साहू ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि शाखा के कर्मचारी सूरज कुमार भारती और ब्रांच मैनेजर नितेश विश्वकर्मा ने मिलकर कंपनी के ₹2,69,051 का गबन किया है। दोनों आरोपी महिला हितग्राहियों से लोन की किस्तें वसूलते थे, लेकिन कंपनी में जमा करने की बजाय राशि को खुद के उपयोग में ले लेते थे।
लिखित शिकायत के बाद खुली पोल -
ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिला हितग्राहियों ने लोन का भुगतान किए जाने के बाद भी कंपनी से लगातार रिकवरी आने की शिकायत की थी। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने रकम जमा करने की बजाय कैश और फोनपे के माध्यम से ली गई रकम को निजी इस्तेमाल में लगा दिया।
पलामू से दबोचा गया ब्रांच मैनेजर -
प्रकरण दर्ज होने के बाद ब्रांच मैनेजर नितेश विश्वकर्मा फरार हो गया था। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर निरीक्षक संतलाल आयाम के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। साइबर सेल की मदद से पता चला कि आरोपी अपने गांव पिपरा खुर्द, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू (झारखंड) में छिपा है। टीम ने त्वरित दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया और जशपुर लाकर पूछताछ की।
घरेलू खर्च में उड़ा दिए थे पैसे -
पूछताछ में नितेश ने कबूल किया कि उसने अपने साथी सूरज के साथ मिलकर गबन की साजिश रची थी और पूरी रकम घरेलू जरूरतों में खर्च कर दी। फिलहाल मामले में पुलिस जांच जारी है।
इस गिरफ्तारी में निरीक्षक संतलाल आयाम, आरक्षक मुकेश पांडेय, उमेश भारद्वाज और साइबर सेल के बली रवि की प्रमुख भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने टीम की तत्परता की सराहना की और बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में जशपुर पुलिस की सजगता और तकनीकी मदद ने बड़ी भूमिका निभाई है।