छत्तीसगढ़ में दो डाक्टरों के परिवारों के आपसी झगड़े में नक्सलियों की फर्जी धमकी का रोचक मामला सामने आया है।
एक डॉक्टर की पत्नी ने महज इसलिए दूसरे डॉक्टर के परिवार को नक्सल धमकी का फर्जी पत्र भिजवा दिया क्योंकि दूसरे डाक्टर की पत्नी उनके बाथरूम में पहले घुस जाती थी। दोनों डॉक्टर अंतागढ़ के जिस सरकारी अस्पताल के दो कमरों में रहते थे, उसका टॉयलेट एक ही था।
अब मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने डाक्टर की आरोपी पत्नी व उसके एक रिश्तेदार के खिलाफ
मामला दर्ज कर लिया है।
तागढ़ के पशु चिकित्सा विभाग में पदस्थ डॉक्टर एसकेएस पैंकरा को 3 अगस्त को नक्सली धमकी भरा पत्र मिला था। इसमें उन्हें नौकरी छोड़कर चले जाने को कहा गया था। उनसे एक लाख रुपए भी मांगे गए थे। वे डरकर परिवार समेत गुप्त स्थान पर चले गए।
इससे पहले उन्होंने धमकी की शिकायत पुलिस से की, आला अधिकारियों को अपने तबादले के लिए आवेदन भी दिया था। इस बीच किसी ने उन्हें फोन कर एक लाख रुपए की मांग फिर से की। पुलिस जांच में पता चला कि फोन जांजगीर जिले से गोवर्धन देवांगन ने किया था। पुलिस ने गांव पहुंचकर गोवर्धन को पकड़ा। उसने पूछताछ के दौरान सारा खुलासा कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
यह था मामला
अंतागढ़ के सरकारी अस्पताल के दो कमरों में दो डॉक्टरों का परिवार के लिए एक ही टॉयलेट है। डॉक्टर सोमेश्वर की पत्नी इंद्रा को शक था कि सुबह जब भी वह टॉयलेट जाती हैं, तो डॉक्टर पैंकरा की पत्नी जानबूझकर पहले घुस जाती है। इंद्रा के मुताबिक पैंकरा की पत्नी पानी खत्म होने के बाद ही बाहर निकलती थी। हालांकि पैंकरा का परिवार बाद में दूसरे क्वार्टर में चला गया। लेकिन इंद्रा को शक था कि पैंकरा के कहने पर ही कर्मचारी उन्हें तंग कर रहे हैं।
इसी वजह से उन्होंने नक्सल धमकी भरा खत लिख दिया।