छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक मरीज की जान ले ली। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी डॉक्टर की डिग्री फर्जी है और उसका राज्य के किसी भी मेडिकल काउंसिल में पंजीयन तक नहीं है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ने एक मरीज की जान ले ली। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी डॉक्टर की डिग्री फर्जी है और उसका राज्य के किसी भी मेडिकल काउंसिल में पंजीयन तक नहीं है। अर्जुंदा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम हज्जुटोला निवासी आनंदराव जनबंधु का पुत्र सुभाष कुमार जनबंधु (40) लंबे समय से बवासीर की बीमारी से जूझ रहा था। 8 मई 2025 को परिजन उसे कांदुल निवासी कथित डॉक्टर रेखराम साहू के पास इलाज के लिए ले गए। इलाज के नाम पर आरोपी ने परिवार से 8 हजार रुपए लिए और मरीज के गुदा द्वार पर लगातार 9 इंजेक्शन लगा दिए।
हालत बिगड़ी और मौत हुई
इंजेक्शन लगने के अगले दिन यानी 9 मई को सुभाष की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे अत्यधिक खून बहने और पेट फूलने की समस्या होने लगी। जब परिजनों ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, तो उसने फोन बंद कर दिया। हालत गंभीर होने पर सुभाष को शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने साफ कहा कि गलत उपचार से स्थिति नाजुक हो गई है। इलाज के बावजूद 11 मई को सुभाष की मौत हो गई।
विज्ञापन
जांच में बड़ा खुलासा
परिजनों की शिकायत पर एसडीओपी गुण्डरदेही ने मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि रेखराम साहू की चिकित्सकीय डिग्री छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत नहीं है और वह अवैध रूप से लोगों का इलाज कर रहा था। पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई
थाना अर्जुंदा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 129/2025 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 की धारा 12, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।