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CG News: पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सभी मामलों में एक साथ जमानत की मांग खारिज

Tue, 10 Mar 2026 07:20 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

सर्वोच्च अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों में एक साथ जमानत देने और भविष्य में नए एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगाने की मांग की थी।
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पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से झटका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जेल में बंद पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज सभी मामलों में एक साथ जमानत देने और भविष्य में नए एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगाने की मांग की थी।
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मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जयमाल्या बागची की डिवीजन बेंच में हुई। अदालत ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला सार्वजनिक धन के निजी हाथों में जाने से जुड़ा है और यदि किसी की इसमें भूमिका है तो उसे कानून की प्रक्रिया का पालन करना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि वर्षों तक सत्ता के करीब रहने वाले अधिकारी होने के कारण टुटेजा को न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना ही पड़ेगा।

सुनवाई के दौरान टुटेजा की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि जब भी उनके मुवक्किल को किसी एक मामले में जमानत मिलने की स्थिति बनती है, तब जांच एजेंसियां उन्हें किसी दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लेती हैं। उन्होंने बताया कि टुटेजा अप्रैल 2024 से जेल में बंद हैं और छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) तथा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा रही है।
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वकील ने यह भी तर्क दिया कि लगातार नए मामलों में गिरफ्तारी से उनके मुवक्किल के व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है। उनका कहना था कि जब टुटेजा पहले से ही हिरासत में हैं तो जांच एजेंसियों को सभी मामलों में एक साथ पूछताछ करनी चाहिए और अदालत को उन्हें समग्र रूप से जमानत देने का निर्देश देना चाहिए।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि याचिका में दिए गए तर्क भावनात्मक रूप से सही लग सकते हैं, लेकिन कानूनी दृष्टि से उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी मौजूदा और भविष्य के मामलों में एक साथ जमानत देने का आदेश नहीं दे सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने टुटेजा को यह राहत जरूर दी कि यदि उन्हें किसी मामले में गिरफ्तारी की आशंका है तो वे संबंधित अदालत में अग्रिम जमानत या नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि यदि टुटेजा एक सप्ताह के भीतर जमानत याचिका दायर करते हैं तो हाईकोर्ट को दो से चार सप्ताह के भीतर उस पर प्राथमिकता के आधार पर फैसला करना होगा।

गौरतलब है कि अनिल टुटेजा पर छत्तीसगढ़ में आबकारी घोटाला, डीएमएफ, नान घोटाला, कस्टम मिलिंग और कोयला घोटाले से जुड़े मामलों में आरोप हैं। इनमें से एक मामले में उन्हें हाल ही में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि अन्य मामलों में जांच जारी है।
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