बीजापुर में मतदान दोपहर तक चला। ग्रामीण सत्ता के लिए मतदान करने ग्रामीणों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। मतदान को लेकर ग्रामीणों में जहां उत्साह रहा, वहीं महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में वोट किए।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सोमवार को हुए पहले चरण के मतदान के बाद जो परिणाम सामने आए हैं, उसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव हार गए हैं। वहीं, पूर्व सरपंच ने निर्दलीय लड़कर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत लिया है। जबकि एक कांग्रेस समर्थित सदस्य को भी जीत मिली है।
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जानकरी के मुताबिक, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए सोमवार को जिले बीजापुर जनपद पंचायत लिए सुबह 6.45 से शुरू हुआ। मतदान दोपहर तक चला। ग्रामीण सत्ता के लिए मतदान करने ग्रामीणों ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। मतदान को लेकर ग्रामीणों में जहां उत्साह रहा, वहीं महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में वोट किए। मतदान पूरा होने के बाद मतों की गिनती शुरू की गई, जिसमें जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, सरपंच व पंच के लिए वोट पड़े थे।
जिला पंचायत के इस चुनाव में जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-6 गंगालुर सीट को लेकर खासी चर्चा रही। यहां से कांग्रेस ने अपना कोई प्रत्याशी खड़ा नहीं किया। कांग्रेस ने यहां से निर्दलीय लड़ रहे सोमलु हेमला को अपना समर्थन दिया था। सोमलु को कांग्रेस के अलावा जेसीसीजे, सीपीआई व सर्व आदिवासी समाज ने भी अपना समर्थन दिया था। इस सीट पर आज हुए कड़े मुकाबले में गंगालुर के पूर्व सरपंच युवा प्रत्याशी राजू कलमु ने 122 वोटों से चुनाव जीत लिया है।
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इस सीट पर भाजपा समर्थित गौतम राव, निर्दलीय सतेश एंड्रिक व सोमलु हेमला चुनाव लड़ रहे थे। वही जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक तोयनार में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस सीट पर कांग्रेस समर्थित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम को पहला चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित मैथ्यूस कुजूर ने उन्हें बड़े अंतर से चुनाव हराया। वहीं, जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक नैमेड से चुनाव लड़ रही कांग्रेस समर्थित नीना रावतिया ने भाजपा समर्थित जमुना सकनी को शिकस्त देकर सीट अपने नाम कर लिया।