छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निगम के पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां से 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, अतिरिक्त कार्य दिवसों के भुगतान, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को किए गए कथित अनियमित भुगतानों से जुड़ा है। आरोप है कि इन मदों में 172 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया गया और इसका एक हिस्सा कथित रूप से कमीशन के रूप में सिंडिकेट तक पहुंचाया गया।
इस मामले में EOW-ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय दंड संहिता की जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर पूर्व एमडी की भूमिका सामने आने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
जांच की कड़ी उस समय और मजबूत हुई जब वर्ष 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर में कार्रवाई के दौरान 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इस संबंध में राज्य शासन को भेजी गई जानकारी के आधार पर EOW-ACB ने प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। अब अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान वित्तीय लेन-देन, निर्णय प्रक्रिया और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी। एजेंसी का मानना है कि रिमांड के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है।