Police force In Naxalite Madvi Hidma Areas at CG: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 से पहले बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की संकल्प के साथ बस्तर में फोर्स तेजी से नक्सल ऑपरेशन चला रही है। पुलिस सुरक्षा बल 16 जनवरी को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर इलाके में बस्तर संभाग के खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा की बटालियन पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) और सेंट्र्ल रीजनल कमेटी (CRC) नंबर एक से लोहा ले रही है। हिड़मा की बटालियन को फोर्स मुंहतोड़ जवाब दे रही हैं। इस बड़े नक्सल ऑपरेशन में 17 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है।
मुठभेड़ में हथियार सहित 12 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मारे गए नक्सली PLGA बटालियन और CRC कंपनी के सदस्य हैं। शवों को लेकर जवान जिला मुख्यालय आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि खूंखार नक्सली हिड़मा के बटालियन PLGA की पूरी तरह से कमर टूट चुकी है। इस बड़े नक्सल ऑपरेशन में तीन जिलों के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), सीआरपीएफ की विशिष्ट जंगल युद्ध इकाई कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) की पांच बटालियन और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 229वीं बटालियन के जवान शामिल हैं।
नक्सलियों के पामेड़-बासागुड़ा-उसूर उसूर ब्लॉक में बड़ी संख्या में जमा होने की सूचना पर एक हजार से अधिक जवान नक्सल ऑपरेशन के लिये सर्चिंग पर निकले। 16 जनवरी की सुबह से ही पुलिस और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही। करीब एक हजार से ज्यादा जवान नक्सलियों की बटालियन नंबर एक को पूरी तरह से घेर रखा है। ये नक्सलियों की सबसे मजबूत टीम मानी जाती है। इसका कमांडर माड़वी हिड़मा है। हिड़मा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। चर्चा है कि यहां हिड़मा भी मौजूद है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि हिड़मा का भी जल्द खात्मा हो सकता है। यदि ऐसा हुआ तो छत्तीसगढ़ में फोर्स की नक्सलियों के खिलाफ बड़ी जीत होगी।
सूत्रों के मुताबिक, जवानों ने 18 नक्सलियों को मार गिराया है। हालांकि ये आधिकारिकतौर पर पुष्टि नहीं हुई है। फोर्स के वापस लौटने का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक 12 नक्सलियों के शव बरामद कर लिये गये हैं। वहीं भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार के साथ ही दैनिक उपयोगी सामान और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
जानें क्या है PLGA
पीएलजीए प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की सशस्त्र ब्रांच है। पीएलजीए बटालियन नंबर एक को नक्सलियों का सबसे मजबूत बल माना जाता है। इसका नेतृत्व खुद हिड़मा कर रहा है। इस नक्सली ने बीते एक दशक में छत्तीसगढ़ में कई बड़े नक्सली हमले किये हैं। बस्तर संभाग में कुल सात जिले आते हैं जहां पर नक्सलियों का यह संगठन काफी मजबूत है।
कौन है खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा?
बस्तर में नक्सल आतंक का पर्याय बन चुके खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा को संतोष उर्फ इंदमुल उर्फ पोडियाम भीमा जैसे कई और नामों से भी जाना जाता है। सुकमा उसका गढ़ माना जाता है। यहां पर होने वाली सभी नक्सल गतिविधियों पर उसका नियंत्रण रहता है। वह वर्ष 1990 में नक्सलियों के संगठन से जुड़ा। पिछले कई साल से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी है। छत्तीसगढ़ में कई नक्सली हमलों को अंजाम देने वाले इस दुर्दांत नक्सली का जन्म सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में हुआ था। यह गांव दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित है। कहा जाता है कि इस गांव में पहुंचना मुश्किल है। इसके बाद भी फोर्स के हौसले को सलाम है, जो कठिन डगर के बावजूद उसके गढ़ में पहुंच चुकी है।
कई बड़े नक्सली हमले का है मास्टरमाइंड
कद-काठी में छोटे से दिखने वाले हिडमा का नक्सली संगठन में बड़ा नाम है। बताया जाता है कि उसके नेतृत्व काबिलियत के बल पर ही उसे 13 साल की उम्र में नक्सलियों की टॉप सेंट्रल कमेटी का सदस्य बना दिया गया। उसकी परवरिश उस समय हुई जब सुकमा में नक्सली घटनायें चरम पर थीं। बताते हैं कि हिडमा केवल दसवीं तक पढ़ा है। बताया जाता है कि वह अपने साथ हमेशा एक नोटबुक लेकर चलता है, जिसमें वह अपने नोट्स लिखता रहता है। साल 2010 में ताड़मेटला में हुए हमले में सीआरपीएफ के 76 जवानों की शहादत में हिड़मा का नाम सामने आया था। इसके बाद साल 2013 में हुए झीरम हमले में भी हिडमा की भूमिका थी। इस हमले में कई बड़े कांग्रेसी नेताओं सहित 31 लोग दिवंगत हो गये थे। साल 2017 में बुरकापाल में हुए हमले में भी हिडमा की अहम भूमिका थी। इस हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहादत को प्राप्त हुए थे। बताते हैं कि हिडमा ने फिलीपींस में गोरिल्ला युद्ध की ट्रेनिंग ली है।
हिड़मा के गांव से लगे पड़ोसी गांव में नया फोर्स कैंप खुला
खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव से लगे पड़ोसी गांव में नया फोर्स कैंप खुला है। इस पूरे इलाके को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखा है। पुलिस फोर्स के टारगेट पर खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा है। फोर्स हिड़मा को जमीन में दफनाने या उसे सरेंडर करने के लिए बस्तर में तेजी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हिड़मा की गिरफ्तारी, एनकाउंटर या सरेंडर हो सकता है।
बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान
बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार का फोकस नक्सलियों के गढ़ में पुलिस सुरक्षा कैंप खोलने के लिए है। बस्तर के उन सभी इलाकों में पुलिस सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं, जहां नक्सलियों का कोर इलाका है। नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव में कैंप खोला गया था। अब इसके पड़ोसी गांव गोल्लाकुंडा को भी सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखा है। शनिवार को सुरक्षा बल ने यहां पहुंचकर कैंप खोला है। ऐसे में इन इलाकों में सुरक्षा बल के कैंप खुलने से नक्सलियों की कमर टूट रही है। नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं।
इन इलाकों में सुरक्षा कैंप
बीजापुर जिले के बॉर्डर के गोल्लाकुंडा में कैंप खुलने से दोनों जिलों के इलाके अब सीधे एक दूसरे से जुड़ सकेंगे। यहां नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में और तेजी आएगी। इस इलाके में कैंप खुलने के दौरान सुकमा के एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ के डीआईजी आनन्द सिंह , सीआरपीएफ 165वीं बटालियन के कमांडेंट राकेश यादव भी मौजूद रहे।
2024 में सबसे ज्यादा खुले फोर्स कैंप
छत्तीसगढ़ और केंद्र में डबल इंजन की सरकार होने से बस्तर के कोर नक्सल इलाकों में वर्ष 2024 में सबसे ज़्यादा सुरक्षा बलों के कैंप खोले गए हैं। इस साल जिन गांवों में सुरक्षा बलों का कैंप खुला है, उनमें सुकमा के मुलेर,टेकलगुडेम, परिया, पूवर्ती, सलातोंग, लखापाल पुलनपाड़ शामिल हैं। इसके साथ ही दंतेवाड़ा के नेरली घाटी, कांकेर के पानीडोबरी, नारायणपुर के कस्तूरमेटा, इरकभट्टी, मसपुर, मोहंदी, बीजापुर के गुंडम, पुतकेल, छुटवही गांव भी शामिल हैं।
ये नक्सली हुए ढेर
1) राजू कारम उर्फ गुंडा 26 वर्ष निवासी बुडगीचेरू/ पद बासागुड़ा LOS डिप्टी कमांडर भर्ती 2010 /2018 तक जगरगुंडा एरिया, दक्षिण बस्तर डिवीजन।
2) सन्ना हेमला उर्फ संतोष 24 वर्ष निवासी - पद जगरगुंडा एरिया में पार्टी सदस्य 3) पाण्डू उईके उर्फ दिनेश 43 वर्ष निवासी -पद पेध्दागेलूर आरपीसी जनता ना सरकार उपाध्यक्ष।
4) सुक्कू अवलम उर्फ सम्मैया 46 वर्ष निवासी -पद पेध्दागेलूर आरपीसी कृषि शाखा अध्यक्ष।
5) मंगलू कारम 44 वर्ष निवासी -पद बुड़गिचेरु DAKMS सदस्य।
6) महिंदर मृगाम उर्फ अंदू 40 वर्ष निवासी -पद पेध्दागेलूर आरपीसी पूर्व मिलिशिया प्लाटून कमांडर।
7) सोनू अवलम 29 वर्ष निवासी -पद पेध्दागेलूर आरपीसी CNM कमांडर।
8) दूल्ला माड़वी उर्फ लखमा 37 वर्ष निवासी -पद मिलिशिया प्लाटून सेक्सन कमांडर।
9) जोगा माड़वी 24 वर्ष निवासी -पद मिलिशिया प्लाटून सेक्सन कमांडर।
10) नन्दा मडकम 22 वर्ष निवासी -पद मिलिशिया सदस्य।
11) केशा ओयम उर्फ नन्दा 30 वर्ष निवासी -पद मिलिशिया सदस्य
12)सन्नू ओयम 52 वर्ष निवासी - पद संगम सदस्य।