आजादी के बाद पहली बार सुकमा जिले के अति नक्सल प्रभावित और दुर्गम नियद नेल्ला नार क्षेत्र के ग्राम गोगुंडा में जिला प्रशासन की टीम ने नए साल की पहली सुबह दस्तक दी। कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण के नेतृत्व में अधिकारियों ने घने जंगलों और कठिन रास्तों को पार करते हुए सुबह 7:30 बजे गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ अंचलों में शासन की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराना और ग्रामीणों का विश्वास मजबूत करना था।
मूलभूत सुविधाओं पर जोर
दौरे के दौरान, अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान से सुना और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। ग्राम गोगुंडा में ही राशन का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने के लिए पीडीएस भवन की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिलेगी। ई-केवाईसी, राशन कार्ड में नाम जोड़ने और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए। पेयजल, सड़क, बिजली और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए। मुलेर से गोगुंडा मार्ग को सुगम बनाने के लिए सुधार कार्य के लिए चिन्हित किया गया। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और पुनर्वास
ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से नियमित स्वास्थ्य जांच, शिविर और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए। दौरे के दौरान, आईईडी ब्लास्ट से प्रभावित एक ग्रामीण से मुलाकात कर उसकी स्थिति की जानकारी ली गई और उसे आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पीड़ित को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए। नियद नेल्ला नार क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, स्कूल भवन, आंगनवाड़ी भवन, आवास स्वीकृतियां और मोहल्ला-पारा पहुंच मार्ग जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों को भी स्वीकृति मिली।
आजीविका संवर्धन और शत-प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य
ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए पात्र हितग्राहियों के लिए पशुशेड प्रकरण तैयार कर लाभ देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को गोगुंडा क्षेत्र में शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया। इसके लिए नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ कार्य करने को कहा गया। इस अवसर पर जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर, डीएफओ अक्षय भोंसले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का यह दौरा सुदूर अंचलों में विकास और विश्वास की नई नींव के रूप में देखा जा रहा है।