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CG News: बाढ़ नियंत्रण हाई पावर कमेटी की बैठक खत्म, बाढ़ से निपटने की तैयारियों के संबंध में हुआ विचार-विमर्श

Fri, 30 May 2025 02:43 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ में बाढ़ आदि नैसर्गिक विपत्तियों से निपटने हेतु गठित उच्च स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
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बाढ़ नियंत्रण हाई पावर कमेटी की बैठक खत्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में बाढ़ आदि नैसर्गिक विपत्तियों से निपटने हेतु गठित उच्च स्तरीय बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बरसात के मौसम में राज्य के जिलों के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ आने पर उससे निपटने की तैयारियों के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। बाढ़ के दौरान विभिन्न स्थानों पर राहत शिविरों की व्यवस्था सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाली कार्यवाही एवं तैयारियों के संबंध में व्यापक चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आगामी मानसून 2025 में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत एवं राहत व्यवस्था करने के संबंध में भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए है।
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बैठक में राज्य एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में माह जून में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। इसलिए सभी जिलों में वर्षा की जानकारी संकलित की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी की गई है। इसका दूरभाष क्रमांक 0771-2223471 एवं फैक्स क्रमांक 0771-2223472 है। इसके अतिरिक्त बाढ़ नियंत्रण कक्ष से 0771-2221242 दूरभाष पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्षों की स्थापना की गई है। बैठक में बताया गया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पहुंचविहीन क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, नमक, केरोसिन, जीवन रक्षक दवाईयां, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दलों का गठन सहित अन्य जरूरी सामग्री अभी से संग्रहित करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दे दिए गए है। बरसात के दिनों में पेयजल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई एवं वहां पर ब्लिचिंग पावडर की व्यवस्था करने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए गए है। 

इसी प्रकार से ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर ली जाए। जहां प्रतिवर्ष प्रायः बाढ़ आती ही है। इन क्षेत्रों में सतत् निगरानी रखने एवं अवश्यकता पड़ने पर वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके ठहरने के लिए राहत शिविर आदि की समूचित योजना बनाने के निर्देश दिए गए है। बाढ़ से बचाव संबंधित उपकरणों की मरम्मत करने और जिन जिलों में मोटरबोट उपलब्ध है उनकी जानकारी शीघ्र ही राहत कार्यालय को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों को नगरीय क्षेत्रों में तमाम नालियों की साफ-सफाई बरसात के दिनों में निरंतर कराये जाने कहा गया है। नगरीय निकायों के अधिकारियों को अभी से ही शहरों की नालियों की साफ-सफाई करने कहा गया है।
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शर्मा ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में जर्जर भवनों की निगरानी लगातार की जाए। इन भवनों में निवासरत लोगों को अन्य सुरक्षित स्थानों पर बसाए जाने की भी व्यवस्था की जाए। ऐसे जिले जहां बड़ी नदियां बहती है वहां पर जल स्तर पर बराबर नजर रखी जाए। जल स्तर के खतरे के निशान पर पहुंचने की संभावना होने पर इसकी पूर्व सूचना राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष तथा निचले जिलों को लगातार देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी तरह से बड़े जलाशयों पर कंट्रोल रूम स्थापित कर जल स्तर की जानकारी समय-समय पर शासन को उपलब्ध करायी जाए। बांधों का जल स्तर बढ़ने पर जल निकासी हेतु निचले जिलों एवं सीमावर्ती राज्यों को 12 घण्टे पूर्व सूचना दिए जाने के निर्देश दिए गए है। प्रदेश में कमजोर हो चुके पुल-पुलियों एवं ईमारतों की पहचान कर मरम्मत कर ली जाए। साथ ही बाढ़ के समय दुर्घटना जन्य स्थलों पर सूचना फलक और बेरियर आदि की व्यवस्था करने कहा गया है।
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