कोंडागांव में नक्सल उन्मूलन नीति को बड़ी सफलता मिली है। शासन की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2025" से प्रभावित होकर और माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा एवं शोषण से तंग आकर एक एक लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
कोंडागांव में नक्सल उन्मूलन नीति को बड़ी सफलता मिली है। शासन की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति-2025" से प्रभावित होकर और माओवादी संगठन की खोखली विचारधारा एवं शोषण से तंग आकर एक एक लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण कर दिया है।
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सुरक्षा बलों की लगातार दबाव और कार्रवाइयों के चलते अब माओवादी संगठन में भय का माहौल है। इसका असर यह है कि बड़ी संख्या में नक्सली अब हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
आत्मसमर्पित महिला नक्सली वर्ष 2009 से 2011 तक जनमिलिशिया सदस्य रही, जबकि 2012 से 2022 तक बारसूर एलओएस सदस्य के रूप में सक्रिय रही। वह कोंडागांव, बस्तर व नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई कई नक्सली मुठभेड़ों में शामिल रही है। प्रशासन ने आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सली को प्रोत्साहन राशि के रूप में 50,000 रुपये प्रदान किए हैं।