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Raigarh: आठ साल के बच्चे की करंट लगने से हुई थी मौत, पिता-पुत्र को 10 साल सश्रम कारावास की सजा

Wed, 06 Nov 2024 08:21 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

रायगढ़ जिले में बकरी चराने जा रहे आठ साल के मासूम बच्चे की करंट की चपेट में आकर मौत के मामले में कोर्ट ने पिता-पुत्र को 10 साल सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। 
 
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कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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खरसिया विधानसभा में बकरी चराने जा रहे आठ साल के मासूम बच्चे की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। मामले में विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम के विद्वान न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए पिता-पुत्र को 10 साल सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। 

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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 अगस्त की सुबह नौ बजे खरसिया क्षेत्र की रहने वाली ननकी खडिया अपने बड़े बेटे श्रवण कुमार व नाती शिव खडिया के साथ बकरी चराने गांव के नाला तरफ जा रहे थे। इस दौरान एक बकरी परदेशी सिदार के घर की तरफ चला गया था, जिसे लेने के लिये श्रवण खडिया और शिव खडिया गए थे। इस दौरान परदेशी खडिया के घर में लोहे के सेंट्रिंग में जेआई तार से अपने घर की तरफ करंट लगाकर रखा गया था। जिसकी चपेट में आकर शिव खडिया की मौत हो गई। 

करंट की चपेट में आकर आठ साल के मासूम की मौत हो जाने के बाद ननकी नोनी खडिया ने खरसिया थाने में मामले की शिकायत की पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मर्ग पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेजते हुए मौके से लोहे का सेंट्रिंग स्पान दो, बिजली वायर 10 मीटर जब्त किया गया। खरसिया पुलिस ने परदेशी सिंह सिदार 75 साल एवं उसके पुत्र उपेन्द्र सिदार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। 
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दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पिता पुत्र के खिलाफ 135 विद्युत अधिनियम 2003 एवं धारा 304 सहपठित धारा 34 भारतीय दण्ड संहिता के अपराध में दोषसिद्ध पाये जाने के बाद विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम के विद्वान न्यायाधीश जगदीश राम ने दोनों पिता पुत्र को सजा सुनाते हुए धारा 135 विद्युत अधिनियम 2003 की धारा के तहत तीन माह का सश्रम कारावास के अलावा पांच सौ रूपये का अर्थदण्ड, धारा 304, 34 की धारा में दस वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच सौ रूपये के जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की राशि नही पटाये जाने पर अतिरिक्त कारावास भुगताने की बात कही गई है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक योगेश कुमार प्रधान ने पैरवी की।

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