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छत्तीसगढ़: जमीन विवाद में भतीजी की हत्या के दोषी पिता-पुत्र को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया

Fri, 02 Oct 2026 01:34 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

जमीन विवाद के चलते भतीजी बिंदु सोढ़ी की कुल्हाड़ी से हत्या करने के मामले में अदालत ने चाचा और उसके बेटे कुम्मा सोढ़ी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस वारदात में 15 गवाहों की गवाही, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्य अहम रहे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दंतेवाड़ा जिले में जमीन विवाद के चलते अपनी भतीजी की हत्या करने के मामले में अदालत ने पिता और पुत्र को ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने आरोपी चैतु सोढ़ी (50) और उसके बेटे कुम्मा सोढ़ी (31) को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा दी। इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के 15 गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और पुलिस द्वारा जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
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खेत में बोआई के दौरान हुआ विवाद
यह मामला कटेकल्याण थाना क्षेत्र के ग्राम कोटवारपारा तोयलंका का है। वारदात 24 जून, 2024 की शाम करीब 6:30 बजे हुई थी। उस समय बिंदु सोढ़ी अपने परिवार के सदस्यों के साथ खेत में धान की बोआई और जोताई करा रही थी। कृषि कार्य के लिए दूसरे गांव से एक ट्रैक्टर मंगाया गया था। इसी दौरान बिंदु का चाचा चैतु सोढ़ी अपने बेटे कुम्मा सोढ़ी के साथ हाथ में कुल्हाड़ी लेकर खेत पर पहुंच गया। धान की बोआई को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विवाद होने लगा। चैतु ने बिंदु को जान से मारने की धमकी दी और कुल्हाड़ी लहराते हुए उसके पीछे भागने लगा। जान बचाने के लिए भागते समय बिंदु खेत की ढलान पर गिर गई। इसके तुरंत बाद कुम्मा सोढ़ी ने उसे मजबूती से पकड़ लिया। फिर चैतु ने कुल्हाड़ी से बिंदु के गाल, गले और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस भीषण हमले में गंभीर रूप से घायल बिंदु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय वहां मौजूद भीमा सोढ़ी और कोसा सोढ़ी डर के मारे भाग गए तथा बाद में पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी।

चिकित्सकीय जांच और फॉरेंसिक सबूत
बिंदु के शव का पोस्टमॉर्टम डॉ/ टिकेंद्र देवांगन ने किया था। पोस्टमॉर्टम जांच में मृतका के सिर और चेहरे पर किसी धारदार हथियार से किए गए गंभीर चोट के निशान मिले। सिर की एक हड्डी में फ्रैक्चर पाया गया तथा मस्तिष्क के भीतर खून जमा हुआ मिला। डॉक्टर ने अदालत में बयान दिया कि सिर पर धारदार और सख्त हथियार के हमले से अत्यधिक खून बह जाने के कारण बिंदु की मौत हुई। डॉक्टर ने इस मौत को पूरी तरह से हत्या बताया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी और सामान्य मिट्टी के नमूने एकत्र किए। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी चैतु सोढ़ी की टी-शर्ट, लुंगी, लाल गमछा और वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर ली। पुलिस ने आरोपी कुम्मा सोढ़ी के कपड़े भी जब्त कर लिए। जब्त किए गए इन सभी सामान को जांच के लिए जगदलपुर स्थित न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था।
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पंद्रह गवाहों की गवाही से साबित हुआ अपराध
अदालती सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों पर दोष सिद्ध करने के लिए 15 गवाहों के बयान दर्ज कराए। पुलिस जांच, डॉक्टर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, चश्मदीद गवाहों की गवाही और जब्त साक्ष्यों के बल पर अभियोजन ने अदालत के सामने हत्या का अपराध साबित किया। हालांकि बचाव पक्ष ने दोनों आरोपियों को पूरी तरह से निर्दोष बताते हुए तर्क दिया कि जमीन विवाद के कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। अदालत ने माना कि बिंदु और दोनों आरोपियों के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और यह घटना भी उसी विवादित खेत में हुई थी। गवाहों के बयानों, चिकित्सकीय रिपोर्ट और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य ने माना कि चैतु सोढ़ी और कुम्मा सोढ़ी ने मिलकर बिंदु पर हमला किया था। अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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