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Surajpur: खाद की किल्लत और धांधली को लेकर किसान परेशान, समिति के चक्कर काट रहे अन्नदाता

Wed, 18 Jun 2025 03:57 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर

सार

पूरे प्रदेश में शासन स्तर पर खाद की सप्लाई समय पर नही होने से जहां किसान इन दिनों एक ओर परेशान है। तो वहीं खाद सप्लाई वितरण केंद्रों तक कम पहुंचने से खाद वितरण कर रहें जिम्मेदार अपने चुनिंदा लोगो देकर धांधली पर उतारू हो गए है।
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खाद की किल्लत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूरे प्रदेश में शासन स्तर पर खाद की सप्लाई समय पर नही होने से जहां किसान इन दिनों एक ओर परेशान है। तो वहीं खाद सप्लाई वितरण केंद्रों तक कम पहुंचने से खाद वितरण कर रहें जिम्मेदार अपने चुनिंदा लोगो देकर धांधली पर उतारू हो गए है। उनके द्वारा खाद वितरण में धांधली करने की वजह से किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन किसान समिति का चक्कर लगाने को मजबूर है। किसानों मे इसको लेकर भारी आक्रोश है। कुछ जगहो में समिति के प्रबंधको तथा कर्मचारीयों की मिली भगत से चुनिंदा किसानों को पहले खाद उपलब्ध कराने की शिकायत सामने आई है। जिसका किसानों ने जम कर विरोध किया है तथा प्रशासन से मांग किया है कि सभी समितियों मे खाद्य तथा यूरिया उपलब्ध कराया जाए, खाद, यूरिया वितरण में पारदर्शी तरीका अपना करके सभी किसानों को जल्द से जल्द खाद्य उपलब्ध कराया जाए जिससे कि वो आसानी से खेती किसानी कर सके। किसानों का समय खेत से ज्यादा समिति के सामने चक्कर काटने में बीत रहा है।

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खाद तथा यूरिया के वितरण में भारी अनिमित्ता का मामला भटगांव तहसील अंतर्गत चंद्रामेढ़ा समिति मे आया है जहां सैकड़ो किस प्रतिदिन लाइन लग रहे हैं तथा बिना खाद लिए वापस जा रहें है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चंद्रामेढ़ा मे 22 गांव के लगभग 1200 किसान पंजीकृत है तथा वहीं से सभी किसानों को शासन के द्वारा प्रदत्त यूरिया और रखाड़ खाद प्रदान होना है। खाद प्राप्त करने के लिए समिति का चक्कर काट रहे किसानों का आरोप है कि उनके द्वारा लगातार चार सोमवार से समिति का चक्कर लगाया जा रहा है। कुछ चुनिंदा लोगों को का खाता हम लोग के आने से पहले जमा हो जाता है तथा न जाने कैसे उनका नंबर लग जाता है और वे लोग खाद  प्राप्त करके चल जाते है। जबकि चार,पांच बजे भोर से लाईन लगे बाकी किसानों को यूरिया खाद लिए बिना खाली हाथ लौटना पड़ता है।

 ग्राम पंचायत रैसरा के किसान राम रूप साय ने कहा कि जब समिति 10 बजे खुलता है तो रात में कौन कार्ड जमा कर लेता है समिति के कर्मचारियों की मिली भगत होगी। डांड अमोरनी के किसान मदन कुमार राजवाडे का कहना है कि पिछले 4 सोमवार से वह समिति में आ रहा है लाइन लग रहा है पर उसका नंबर नहीं आ रहा और कहां जाता है कि कल फिर आना। इसी तरह किसान दिलीप कुमार पैकरा, इंद्रजीत यादव सहित सैकड़ो की संख्या में उपस्थित किसानों ने समिति प्रबंधक तथा कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाया कि हम लोग सुबह चार पांच बजे भोर से समिति के गेट पर लाइन लगाए हुए हैं। जब समिति खुला तो देख रहे हैं कि अंदर में दो बंडल खाता पहले से ही जमा है। जिनको ही खाद देने की बात कर्मचारी कर रहे हैं तथा हमें वापस लौटा रहे हैं और कह रहे हैं कि कल आना। किसानों का आरोप है कि चार सोमवार से इसी तरह चल रहा है। लोग लाइन लग रहे हैं और उन्हें कल आना कल आना का आश्वासन मिल रहा है खाद नहीं मिल रहा। मानसून सर पर है किसानों को खेत की तैयारी करना है धान बीज लेना है तथा खाद लेना है अगर उन्हें समय पर सब कुछ उपलब्ध नहीं होगा तो फिर खेती किसानी में पीछे हो जाएंगे।
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सहकारी समिति में अनियमित तथा चार सोमवार से किसानों को परेशान होने के सवाल पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति चंद्र मीणा के प्रबंधक धर्मेंद्र कुशवाहा का कहना है कि शासन के द्वारा ऊपर से ही पर्याप्त मात्रा में यूरिया तथा खाद नहीं आ रहा है पिछले वर्ष मार्च अप्रैल में ही खाद्य तथा यूरिया का भंडारण हो गया था इस बार मांग अनुरूप खाद नहीं आ रहा है इसलिए किसानों को तकलीफेरी हो रही है अभी हमारे समिति को सिर्फ 600 बोरी को रखड़ तथा 700 बोरी यूरिया मिला है अब इसमें किस-किस किस को बाती यह बड़ा प्रश्न है सभी किसान चाहते कि उन्हें सबसे पहले यूरिया खाद मिले। कुछ लोगों को अनुचित लाभ देने के मामले पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम कि किसान भोर से क्यों लाइन लगते हैं समिति सुबह 10 बजे खुलता है। मेरे आने से पहले दो बंडल खाता वहां जमा था, कौन किया और कैसे किया इसके बारे में मैं कुछ नहीं जानता किसानों के विरोध करने के बाद मैं आज खाद वितरण को कैंसिल कर दिया। कल से सुचारू रूप से उपलब्ध खाद का वितरण किया जाएगा।

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