जशपुर जिले दुलदुला विकासखंड क्षेत्र में पंचायत सचिवों को धमकाकर रुपये वसूलने की कोशिश करने वाले फर्जी RTI एक्टिविस्ट को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी तरुण भारद्वाज (22 वर्ष), निवासी ग्राम अण्डा, जिला सक्ती, खुद को सूचना का अधिकार कार्यकर्ता बताकर सचिवों पर दबाव बना रहा था।
कैसे खुला फर्जी एक्टिविस्ट का खेल?
ग्राम पंचायत कस्तूरा जामपानी की सचिव देवकी यादव की शिकायत के बाद मामला सामने आया। तरुण भारद्वाज ने 30 पंचायतों को RTI के तहत लंबी-चौड़ी जानकारी मांगी थी और सचिवों को धमकाया कि यदि "व्यवस्था" नहीं की गई तो वह सूचना निकालकर उन्हें बर्खास्त करा देगा।
जब सचिव ने ‘व्यवस्था’ का मतलब पूछा तो आरोपी ने साफ कहा प्रति पंचायत सचिव 3,000 रुपये दो, नहीं तो सबको बर्खास्त करवा दूंगा। सचिव ने इस बातचीत को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। उधर धमकी के डर से दो सचिवों ने आरोपी के खाते में 500-500 रुपये फोनपे से भेज भी दिए थे। 19 नवंबर को प्रथम अपील की सुनवाई के दौरान आरोपी फिर सचिवों से 90,000 रुपये की कुल मांग कर रहा था।
शिकायत मिलते ही थाना दुलदुला पुलिस ने BNS की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को जनपद पंचायत दुलदुला परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए कहा कि उसे कहीं से जानकारी मिली थी कि RTI के नाम पर लोगों को ब्लैकमेल कर मोटी कमाई हो सकती है, इसलिए यह उसकी पहली कोशिश थी।जिसे पुलिस पचा नहीं पा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या उसने अन्य जगहों पर भी इसी तरह की ब्लैकमेलिंग की है?आरोपी से जप्त मोबाइल से जानकारी खंगाली जा रही है। इस पूरे मामले पर कार्रवाई करने में दुलदुला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार साहू,प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे,आरक्षक अलेक्सियूस,आरक्षक आनंद खलखो की सक्रिय भूमिका रही।