छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के एक कार्यकारी अभियंता को जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अभियंता करण सिंह करसोलिया पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग में काम कर रहे थे। वो रायगढ़ जिले के खरसिया सब डिविजन में पोस्टेड थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारी ने कहा कि करसोलिया ने 2014 में रायगढ़ जिला मुख्यालय में पोस्टेड होने के बाद एक ठेकेदार को 21.30 लाख रुपये का अनुचित लाभ दिया था।
जानकारी के मुताबिक घोटाले की जानकारी आरटीआई के माध्यम से पता चली, जिसके बाद डीएम ने रायगढ़ जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक अग्रवाल को जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि करसोलिया ने अपनी पसंद के ठेकेदार को जल संवर्धन परियोजना के लिए टेंडर दिया है।
हालांकि, अग्रवाल की रिपोर्ट के आधार पर 2016 में करसोलिया के खिलाफ केस दायर किया गया था। उसके अलावा पीएचई विभाग के दो क्लर्क और तीन कॉनट्रैक्टर को धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), आईपीसी की धारा और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।