छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली के मामलों को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभिन्न जिलों की मदिरा दुकानों में हुई जांच के बाद विभाग ने चार आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि आठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदाबाजार-भाटापारा और धमतरी जिले की शराब दुकानों में औचक निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कई दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने की पुष्टि हुई, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई।
रायपुर की फाफाडीह विदेशी मदिरा दुकान में एक विक्रेता द्वारा व्हिस्की की बोतलें तय कीमत से अधिक दर पर बेचे जाने का मामला सामने आया। इसी तरह गंडई, हिरमी और कुरूद की शराब दुकानों में भी ग्राहकों से अतिरिक्त राशि वसूले जाने की शिकायतें सही पाई गईं। संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामलों में लापरवाही और नियंत्रण में कमी पाए जाने पर फाफाडीह क्षेत्र के कौशल किशोर सोनी, गंडई के प्रभाकर सिरमौर, हिरमी के मनराखन नेताम और कुरूद के पुरुषोत्तम सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा विभाग ने निरुपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, जलेश सिंह, अजय सिंह धुर्वे, राजेश कुमार शर्मा, जेबा खान, चंद्रप्रताप सिंह और अल्ताफ खान सहित आठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलना गंभीर अनियमितता है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।