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लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिये निर्वाचन आयोग की 21 नई पहल: 100 दिनों में हुए ऐतिहासिक सुधार, पढ़ें पूरी खबर

Fri, 30 May 2025 08:43 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

Election Commission: भारत निर्वाचन आयोग ने प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी, कुशल और मतदाता अनुकूल बनाने के लिये 21 नई पहलों की शुरुआत की है।
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राज्य निर्वाचन आयोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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Election Commission: भारत निर्वाचन आयोग ने प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी, कुशल और मतदाता अनुकूल बनाने के लिये 21 नई पहलों की शुरुआत की है। 19 फरवरी 2025 से 29 मई 2025 के दौरान लागू इन सुधारों ने देशभर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और सशक्त किया है। इन सुधारों के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी सुधार, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कानूनी ढांचे को मजबूती और हितधारकों के साथ समन्वय को प्राथमिकता दी गई है। 

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ये हुए 21 सुधार कार्य- 

1. मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या: प्रति मतदान केंद्र अधिकतम 1,200 मतदाता सुनिश्चित कर भीड़ प्रबंधन और सुविधाजनक मतदान का प्रावधान।

2. अतिरिक्त मतदान बूथ: ऊँची इमारतों और कॉलोनियों में नए मतदान बूथ की स्थापना, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुगम मतदान अनुभव।

3. निर्वाचक नामावली का अद्यतनीकरण: मृत्यु पंजीकरण डेटा को सीधे रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) के डेटाबेस से लिंक कर सत्यापन के बाद नामावली को अद्यतन करने की प्रक्रिया।

4. मतदाता सूचना पर्ची: मतदाता के क्रमांक और भाग संख्या को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा ताकि मतदाताओं को आसान जानकारी मिले।

5. मोबाइल जमा सुविधा: मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा, जिससे मतदान केंद्र के भीतर निष्पक्षता और गोपनीयता सुनिश्चित हो।

6. सर्वदलीय बैठकें: पूरे देश में CEO, DEO और ERO स्तर पर 4,719 बैठकें आयोजित, जिनमें 28,000 से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

7. ECI की बैठकें: राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों (AAP, BJP, BSP, CPI(M), NPP) के प्रमुखों के साथ सीधे संवाद और चर्चा।

8. क्षमता निर्माण: बिहार, तमिलनाडु और पुडुचेरी में IIIDEM द्वारा बूथ लेवल एजेंटों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।

9. प्रचार दूरी नियम में बदलाव: राजनीतिक दल अब मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी पर बूथ स्थापित कर सकेंगे (पहले 200 मीटर की बाध्यता थी)।

10. ECINET डैशबोर्ड: हितधारकों के लिए सभी सेवाओं को एकीकृत करने हेतु नया प्लेटफार्म, जो 40 से अधिक ऐप्स/वेबसाइट्स को समाहित करेगा।

11. यूनिक EPIC नंबर: डुप्लिकेट EPIC नंबर की समस्या के समाधान के लिए नया तंत्र विकसित किया गया है।

12. हितधारक पहचान: निर्वाचक नामावली और चुनाव प्रक्रिया में शामिल 28 प्रमुख हितधारकों की पहचान और प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, नियम 1960 और ECI के निर्देशों के अनुरूप कार्य।

13. प्रशिक्षण सामग्री: अधिनियमों, नियमों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आधार पर हितधारकों के लिए प्रशिक्षण प्रस्तुतियों का विकास।

14. कानूनी ढांचे को मजबूत करना: निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर तालमेल और कानूनी सहायता को सशक्त बनाना।

15. BLO पहचान पत्र: बूथ लेवल अधिकारियों को मानक फोटो पहचान पत्र प्रदान कर उनकी पहचान और कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना।

16. IIIDEM, नई दिल्ली में क्षमता निर्माण: 3,500 से अधिक बूथ लेवल सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण; आगामी 45 दिनों में 20 बैचों में लगभग 6,000 BLOs/सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण; अगले कुछ वर्षों में 1 लाख+ BLO सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य।

17. मीडिया प्रशिक्षण: सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के CEO कार्यालयों के मीडिया अधिकारियों के लिए विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम।

18. पुलिस प्रशिक्षण: बिहार के पुलिस अधिकारियों के लिए IIIDEM में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने में सहयोग।

19. बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली: निर्वाचन कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति की पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू।

20. ई-ऑफिस रोलआउट: निर्वाचन प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और कार्यप्रणाली को और अधिक सहज और प्रभावी बनाने हेतु ई-ऑफिस की शुरुआत।

21. नियमित ECI-CEO बैठकें: सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर समन्वय, पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन को और अधिक सशक्त किया गया।

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