छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले की उड़ीसा की सीमा से लगे जंगल में पिछले दो दिनों में एक भालू ने आठ ग्रामीणों की जान ले ली।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने उड़ीसा के कोटपाड़ इलाके में रविवार दोपहर इस नरभक्षी भालू को मार दिया।
भालू में हमले में घायल चार ग्रामीणों को इलाज के लिए कोरापुट के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार की सुबह कोटपाड़ इलाके के गिरला गांव की एक महिला जंगल में लकड़ी लेने गई थी। उसी समय भालू ने उस पर हमला कर दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद ग्रामीण जंगल में भालू को ढूंढने गए लेकिन भालू ने उनकी भी जान ले ली।
मुसीबत और बढ़ गई जब भालू ने गांव में घुस कर लोगों पर हमला कर दिया। गांव में पूरा दिन भालू का आतंक बना रहा। इसके बावजूद भी वहां पर वन विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
इस दौरान यह खबर अन्य गांवों में भी फैल गई। आस-पास के करीब पन्द्रह सौ ग्रामीण इकट्ठे हुए और उन्होंने बड़ी मुश्किलों से दोपहर डेढ़ बजे लाठी और सब्बल से पीट-पीट कर भालू को मार गिराया।
कोई मदद न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने सभी आठ शवों के साथ गांव के पास ही जगदलपुर-विशाखापटनम मार्ग को जाम कर दिया।
इसके बाद डीएफओ और सब कलेक्टर ने वहां पहुंच कर मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए का मुआवजा देने और घायलों का समुचित इलाज कराने की घोषणा की। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।