नॉर्थ जोन क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तड़के सुबह औचक दबिश दी गई। पुलिस टीमों ने चाकूबाजों, निगरानी बदमाशों, गुंडा तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की।
राजधानी रायपुर में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन कालचक्र’ के तहत बड़ा अभियान चलाया। इस विशेष कार्रवाई में पुलिस ने एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों, वारंटियों और संदिग्धों पर शिकंजा कसा।
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नॉर्थ जोन क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तड़के सुबह औचक दबिश दी गई। पुलिस टीमों ने चाकूबाजों, निगरानी बदमाशों, गुंडा तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान कुल 60 आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को थाने बुलाकर उनकी परेड कराई गई और सख्त चेतावनी दी गई।
अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 14 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। इसके अलावा 41 गिरफ्तारी वारंट और 37 जमानती वारंट भी तामील किए गए। कई मामलों में फरार आरोपियों की तलाश पूरी करते हुए 14 लंबित प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।
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कार्रवाई के दौरान आर्म्स एक्ट के तहत 3 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया, जबकि अवैध शराब रखने के मामले में एक आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। इसके साथ ही 20 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में भी कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों में डर पैदा करना, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और संगठित अपराध के नेटवर्क को कमजोर करना है। सभी संदिग्ध और बदमाश तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।