प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। रायपुर, मुंबई, नागपुर, नासिक और बेंगलुरु सहित कई शहरों में एक साथ कार्रवाई की गई। यह कदम रियल एस्टेट निवेश फंड के जरिए निवेशकों से की गई कथित धोखाधड़ी और करीब 2,434 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामले से जुड़ा है, जिसकी जांच सीबीआई पहले से कर रही है।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक, ईडी ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए विभिन्न राज्यों में स्थित कार्यालयों और आवासीय परिसरों पर दबिश दी। मुंबई में लगभग 20 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है, जबकि रायपुर, नासिक और बेंगलुरु में करीब 10 ठिकानों पर जांच चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई का केंद्रबिंदु जय कॉर्प लिमिटेड के निदेशक और उद्योगपति आनंद जयकुमार जैन, उनसे जुड़ी कंपनियां और उनके कारोबारी सहयोगी हैं। ईडी इनसे जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध निवेश की परतें खंगाल रही है। फिलहाल एजेंसी द्वारा जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।