दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र परिवारों के लिए आने वाले सरकारी राशन की कालाबाजारी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के राजीव नगर में पुलिस ने छापेमारी कर 60 बोरियों में रखकर जमा किया गया 24 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया। आरोपी सोहन चेलक राशन कार्डधारियों से अवैध तरीके से चावल खरीदकर अपने घर में भंडारण कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खाद्य विभाग की शिकायत पर कार्रवाई
खाद्य विभाग को राजीव नगर इलाके में सरकारी राशन के चावल की अवैध खरीद-बिक्री और अदला-बदली की शिकायत मिली थी। इसके बाद खाद्य निरीक्षक आशुतोष चंद्राकर ने संबंधित दस्तावेज के साथ पुलिस को जानकारी दी। सूचना के आधार पर वैशाली नगर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच टीम जब आरोपी सोहन चेलक के घर पहुंची और तलाशी ली, तो वहां अलग-अलग 60 बोरियों में रखा चावल मिला। एक बोरी में औसतन 40 किलो चावल था, जिसका कुल वजन 24 क्विंटल दर्ज किया गया।
नागरिक आपूर्ति निगम ने की पुष्टि
चावल के स्रोत और असलियत का पता लगाने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम के तकनीकी सहायक को मौके पर बुलाया गया। अधिकारी ने खाद्यान्न की जांच करने के बाद स्पष्ट किया कि यह चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन कार्डधारियों को बांटे जाने वाला सरकारी खाद्यान्न ही है। सरकारी चावल होने की पुष्टि होते ही पुलिस ने समस्त सामग्री को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार यह चावल जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से जमा किया जा रहा था।
पूर्व में भी दर्ज है आपराधिक मामला
पुलिस अब गहनता से पता लगा रही है कि आरोपी तक यह खाद्यान्न किस माध्यम से पहुंचता था और इसमें कौन-कौन से अन्य लोग शामिल हैं। जांच के दौरान आरोपी के पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड का भी खुलासा हुआ। आरोपी सोहन चेलक के विरुद्ध वर्ष 2022 में पुलगांव थाने में केस दर्ज किया गया था, जिसमें उसके खिलाफ मारपीट तथा धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई हुई थी। वर्तमान में पुलिस ने सरकारी राशन के इस मामले में उसके ऊपर आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत केस बनाकर कानूनी कार्रवाई की है।