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छत्तीसगढ़: कोल लेवी मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की मुश्किलें बढ़ीं, ईओडब्ल्यू ने जारी किया नोटिस

Fri, 02 Oct 2026 07:16 PM IST
दुर्ग-भिलाई ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, दुर्ग-भिलाई

सार

छत्तीसगढ़ के 540 करोड़ रुपये के कथित कोल लेवी घोटाले में EOW ने भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस जारी किया है। उन्हें 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।
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ईओडब्ल्यू ने विधायक को जारी किए नोटिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के करीब 540 करोड़ रुपये के कथित कोल लेवी घोटाला मामले में भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस के अनुसार, विधायक यादव को 5 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे रायपुर की विशेष अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है। जांच एजेंसी इस मामले में जांच पूरी कर आरोप पत्र पेश करने की तैयारी में है।
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सितंबर में ईओडब्ल्यू दफ्तर में हुई थी दो घंटे से ज्यादा पूछताछ
देवेंद्र यादव से सितंबर के आखिरी सप्ताह में रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय में दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। बताया गया कि पूछताछ का आधार कोल लेवी घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी जांच के दौरान मिली डायरी और उसमें दर्ज कथित लेन-देन की जानकारी थी। जांच एजेंसी के अनुसार, इस डायरी में देवेंद्र यादव का नाम सामने आया था। हालांकि, विधायक यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था में बदलाव के बाद अवैध वसूली का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 15 जुलाई 2020 को कोयला परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली ऑनलाइन अनुमति व्यवस्था में बदलाव के बाद हुई। आरोप है कि ऑनलाइन प्रक्रिया की जगह मैन्युअल अनुमति व्यवस्था लागू होने से कोयला कारोबारियों और परिवहनकर्ताओं से प्रति टन 25 रुपये की कथित अवैध वसूली का रास्ता बना।
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जांच एजेंसियों का आरोप है कि जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच इस तरीके से करीब 540 करोड़ रुपये की वसूली की गई। रायगढ़, कोरबा और सूरजपुर सहित कोयला उत्पादक जिलों में इस कथित वसूली का नेटवर्क संचालित होने की बात जांच में सामने आई है।

डायरी में लेन-देन के उल्लेख की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी से जुड़े मामले की जांच के दौरान डायरी और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए थे। इनमें कथित तौर पर पैसों के लेन-देन का विवरण दर्ज है। इसी आधार पर देवेंद्र यादव से पूछताछ की गई और उनका नाम आरोपियों की सूची में शामिल किया गया।

अब जांच एजेंसी डायरी में दर्ज रकम और संबंधित लोगों के बीच कथित लेन-देन के वास्तविक संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच में यह आरोप भी लगाया गया है कि कथित अवैध वसूली की रकम का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, चुनावी खर्च और संपत्तियां खरीदने में किया गया। प्रवर्तन निदेशालय ने भी अपनी जांच में करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली और रकम के नेताओं तथा अधिकारियों तक पहुंचने का दावा किया था।

जनवरी 2024 में ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया था मामला
इस प्रकरण में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी 2024 में अपराध दर्ज किया था। मामले में तत्कालीन अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक व्यक्तियों सहित कई लोगों के नाम सामने आए। देवेंद्र यादव का नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल किया गया है।

फिलहाल, ईओडब्ल्यू मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। विधायक देवेंद्र यादव ने आरोपों को निराधार बताया है। मामले में आरोपों की सत्यता और कथित लेन-देन की भूमिका जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

EOW ने विधायक को जारी किए नोटिस।

 

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