गड़बड़ी करने वाले समिति प्रभारी पर हुआ एफआईआर।
दुर्ग में धमधा क्षेत्र स्थित सेवा सहकारी समिति रौंदा के धान उपार्जन केंद्र में लाखों रुपये की अनियमितता सामने आने के बाद समिति प्रभारी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जांच में समिति प्रभारी द्वारा 560.28 क्विंटल धान और 2103 नग नए बारदाने की कमी पाई गई है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग की घोंठा शाखा के शाखा प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह मढरिया ने अनियमितता की शिकायत धमधा थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रौंदा के समिति प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई है।
शिकायतकर्ता भूपेन्द्र सिंह मढरिया ने पुलिस को बताया कि 29 मई 2026 को खाद्य विभाग,सहकारिता विभाग एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित रौंदा एवं उसके उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समिति द्वारा कुल 73,952.80 क्विंटल धान का उपार्जन किया गया था। जिसमें से 65,657.62 क्विंटल धान का उठाव मिलरों को तथा 7,678.10 क्विंटल धान संग्रहण केंद्र को दिया जा चुका था। उसके बावजूद दस्तावेजों के अनुसार समिति में 617.08 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था।लेकिन मौके पर भौतिक सत्यापन के दौरान केवल 56.80 क्विंटल सरना धान ही पाया गया। इस प्रकार कुल 560.28 क्विंटल धान की कमी सामने आई। जांच में यह भी पाया गया कि 2103 नग नए बारदाने भी रिकॉर्ड के अनुसार उपलब्ध नहीं थे।
कमी पाए गए धान की लगभग कीमत 13 लाख 28 हजार रुपए तथा बारदाने की कीमत लगभग 1 लाख 81 हजार रुपए आंकी गई है। समिति प्रभारी द्वारा लगभग 15 लाख 9 हजार रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। जांच रिपोर्ट में सेवा सहकारी समिति रौंदा के प्रभारी जगदीश कुमार नवरंगे की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई।इसके बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के निर्देश पर समिति प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना जुट गई है।