भिलाई स्टील प्लांट ने वेस्ट से बनाई टाइल्स।
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छत्तीसगढ़ स्थित भिलाई स्टील प्लांट (BSP) ने वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंधन का नया तरीका अपनाया है। अब अपशिष्ट से पेवर ब्लॉक ग्रीन टाइल्स तैयार की जा रही है। बीओएफ स्लैग से टाइल्स बनाने के नए प्लांट का उद्घाटन बीएसपी के प्रभारी निदेशक अनिर्बान दासगुप्ता ने किया। खास बात यह है कि, बीएसपी प्रबंधन की यह नई पहल 100% ठोस वेस्ट को फिर से उपयोग और कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई एक ईंधन रहित प्रक्रिया है। इसके तहत हर दिन 1000 टाइल्स का निर्माण होगा।
शहर के सौंदर्यीकरण में होगा उपयोग
प्रभारी निदेशक अनिर्बान दासगुप्ता ने बताया कि बीओएफ स्लैग का निपटान करना बीएसपी के लिए बड़ी चुनौती थी। अब पेवर ब्लॉक बनाने से वेस्ट का सही प्रबंधन होने के साथ ही शहर का सौंदर्यीकरण हो पाएगा। इन ब्लॉक को पार्किंग, गार्डन और टाउनशिप की सड़क के किनारे लगाया जाएगा। ग्रीन टाइल्स प्लांट के लगने से दो उद्देश्य है पहला यह बीओएफ स्लैग के निपटारे में सहायता करेगा और दूसरा प्लांट और टाउनशिप के सौंदर्यीकरण के साथ राजस्व उत्पन्न में भी मदद करेगा।
बाजार में उपलब्ध टाइल्स से काफी सस्ते
प्लांट से प्रतिदिन 1000 ग्रीन टाइल्स के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। आगे चलकर इसे मांग के अनुसार बढ़ाया जाएगा। बीएसपी के ग्रीन टाइल्स प्लांट में बने पेवर ब्लॉक वर्तमान में बाजार में उपलब्ध ब्लॉक से काफी सस्ते और बेहतर हैं। इससे लोगों में इसकी डिमांड अधिक होगी और इससे राजस्व भी आएगा। भिलाई स्टील प्लांट ने देश ही नहीं विश्व में भी स्टील उत्पादन में नया कीर्तिमान हासिल किए हैं, लेकिन अब ये जुगाड़ टेक्नोलॉजी में अपना नाम बढ़ा रहा है। वेस्ट मैनेजमेंट का सदुपयोग में काफी बेहतर कर रहा है।
इन जगहों पर उपयोग होगा बीएसपी का पेवर ब्लॉक
बीएसपी से मिली जानकारी के मुताबिक, उनके ग्रीन टाइल्स प्लांट में निर्मित पेवर ब्लॉक में IS 15658: 2006 के अनुसार M-40, 40 N/mm2 की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ है। इसके चलते यहां बने पेवर ब्लॉक का उपयोग पैदल यात्री प्लाजा, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स रैंप, कार पार्क, कार्यालय ड्राइव-वे, आवास कॉलोनी, कार्यालय परिसर, कम मात्रा में यातायात वाली ग्रामीण सड़कों, फार्म हाउस, समुद्र तट स्थलों, पर्यटक रिसॉर्ट्स स्थानीय प्राधिकरण फुटपाथ, आवासीय सड़कों आदि में किया जा सकता है।