अस्पताल प्रबंधन को सौंपा गया बच्चा
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दुर्ग में जिला चिकित्सालय के शिशु अस्पताल से दो बच्चों के अदला बदली के मामले में मुस्लिम परिजनों ने नवजात बच्चे और उसकी मां को अस्पताल प्रबंधन को सौंपा गया। बच्चे अदला-बदली के मामले में जिला प्रशासन ने एक जांच गठित कर जांच कर रही थी। इसी दौरान मुस्लिम परिजनों ने बड़ी संख्या में शिशु अस्पताल पहुंचकर बच्चे और मां को अस्पताल को सौंपा।
दरअसल तीन दिन पहले जिले के शिशु अस्पताल में बच्चे अदला बदली का मामला सामने आया था। जहां एक मुस्लिम परिवार का नवजात बच्चा हिंदू परिवार के घर पहुंच गया है।और ठीक वैसे ही हिंदू का बच्चा मुस्लिम परिवार के घर पहुंच गया है। यह बड़ी लापरवाही दुर्ग के शासकीय शिशु अस्पताल के स्टाफ के कारण हुआ है। दरअसल 23 जनवरी को केलाबाड़ी निवासी शबाना कुरैशी का ऑपरेशन से एक लड़का हुआ था। और उसी दिन नेहरू नगर निवासी साधना का ऑपरेशन से लड़के को जन्म दिया। दोनो बच्चो के हाथ में टैग लगाए गए। और दोनो मां को बच्चे दे दिए गए। लेकिन अस्पताल स्टॉफ की तरफ से एक लापरवाही हो गई। टैग में इंग्लिश में लिखे शबाना के बच्चे को साधना को और साधना के बच्चे को शबाना को दे दिए। इस बीच हिंदू के बच्चे को मुस्लिम मां और हिंदू मां मुस्लिम बच्चे को दूध पिलाते रहे।लेकिन एक सप्ताह बाद शबाना के परिवार वालों ने बच्चे के टैग में नाम में हुई लापरवाही को समझा।
नवजात बच्चे की मां शबाना कुरैशी ने बताया कि 23 जनवरी को शिशु अस्पताल में एक लड़के को जन्म दी थी और कुछ मिनट बाद साधना नाम की महिला ने एक लड़के को जन्म दी थी जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने दोनो बच्चे को एक साथ हाथ में टैग लगाकर रख हुए थे। अस्पताल प्रबंधन द्वारा दोनो बच्चो को परिजनों को सौंपा गया जिसमे शबाना का बच्चा साधना को और साधना का बच्चा को शबाना को सौंपा दिया गया इसकी जानकारी 10 दिन बाद शबाना के हाथ में टैग में लिखे नाम को देखकर खुलासा हुआ उन्होंने कहा कि जब तक अस्पताल प्रबंधन उसके असली बच्चो को वापस नही दिलाती है तब तक बच्चे को अस्पताल प्रबंधन के पास रखेगा।