निस्तारी तालाब से मछली पकड़कर बेचने का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
धमधा ब्लाक के मोहरेंगा गांव में निस्तारी तालाब में ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव पर अवैध तरीके से निस्तारी तालाब में जाल चलकर मछली पकड़कर बेचने का आरोप लगाया गया। जय भारती मत्स्यद्योग सहकारी समिति के सदस्यों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की है और उचित कार्यवाही की मांग करते हुए इस निस्तारी तालाब को मछुवारा परिवार को देने की भी मांग की है।
मोहरेंगा ग्राम पंचायत के बड़े शीतला तालाब को लीज में मछुवारा परिवारों दिया जाता था। लेकिन कुछ वर्षों से इस तालाब में लीज में न देकर सरपंच और सचिव द्वारा मनमानी करते हुए तालाब में जाल डालकर मछली पकड़कर उसे बेचने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत मछुवारा परिवार के सदस्यों ने जिला प्रशासन से की है।
मछुवारा सदस्यों ने कहा कि विगत दो वर्षो से ग्राम पंचायत मोहरेंगा के द्वारा गांव के बड़े शीतला तालाब को निस्तार के नाम पर रखकर पंचायत द्वारा सफाई के नाम पर जाल चलाकर मछली मारी जा रही है। और उस मछली को बेचा जा रहा है। जबकि ग्राम पंचायतों में एक दो ही मुख्य बड़े तालाब होते हैं। जिस पर मछुवारा द्वारा मछली पालन का व्यवसाय करके अपने परिवार का भरण पोषण किया जाता है।
लेकिन पंचायत द्वारा उसे भी निस्तार के नाम पर अपने पास रख लिया जाता है और स्वयं मछली मारने का काम करने लग गए है और मछुवारों के द्वारा पंचायत या विभाग में शिकायत करने पर भी एवं मतस्य विभाग के अधिकारी के द्वारा नियम के तहत ग्राम पंचायत के सरपंच इसकी जानकारी देने के बावजूद सचिव के साथ मिलकर मनमानी तरीके से मछली मारी जा रही है।
मछली पालन विभाग एवं अन्य विभाग द्वारा मछुवारों को सहयोग करने पार उनके खिलाफ झूठा शिकायत कर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। जिसका ताजा मामला मोहरेंगा ग्राम पंचायत में सामने आया है। मछुवारा संघ ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की और इस मामले में मछुवारा सदस्यों को लीज में तालाब देने और मनमानी करने वाले सरपंच सचिव के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है।