छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने शराबबंदी, चालक वेलफेयर बोर्ड और चालक आयोग की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर 'स्टेयरिंग छोड़ो' महाअभियान की चेतावनी दी गई।
छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने राज्य में शराबबंदी और चालक वेलफेयर बोर्ड के गठन की मांग उठाई है। मांगें पूरी न होने पर 'स्टेयरिंग छोड़ो' महाअभियान चलाने की चेतावनी दी है। महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं।
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महासंघ का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने शराबबंदी का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। वहीं, वर्तमान भाजपा सरकार ने न केवल शराबबंदी लागू नहीं की, बल्कि 150 से अधिक नई शराब दुकानें खोलने का निर्णय लिया है, जिसका प्रदेशभर में सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ महासंघ भी विरोध कर रहा है।
महासंघ के अनुसार, शराब के कारण ड्राइवरों को मारपीट, लूटपाट और अन्य घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए, शराबबंदी के साथ-साथ चालक वेलफेयर बोर्ड और चालक आयोग के गठन की मांग की गई है, ताकि वाहन चालकों और उनके परिवारों की सुरक्षा व आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 'स्टेयरिंग छोड़ो' महाअभियान शुरू करेंगे।