धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वे वर्ष 2018 में इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत उनकी टीम शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ती है। अब तक वे 28 प्रजातियों के सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रहने वाले धर्मेंद्र सिंह राजपूत पिछले सात वर्षों से विभिन्न प्रकार के सापों का रेस्क्यू कर रहे हैं। वे निस्वार्थ भाव से सांपों का न केवल सुरक्षित रेस्क्यू कर रहे हैं, बल्कि उन्हें जंगल में छोड़कर उनकी जान भी बचा रहे हैं। धर्मेंद्र सिंह अब तक 22 हजार से भी ज्यादा सांपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर चुके हैं।
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धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वे साल 2018 में रायगढ़ एनिमल सेवा समिति के बैनर तले इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत उनकी टीम शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ती है। अब तक वे 28 प्रजातियों के सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं। इनमें अजगर, धामन, बुल्फ स्नेक, कुकरी स्नेक, कैट स्नेक, ब्रांडेड रसेल, इंडियन चेक्ड किल बैक जैसे गैर-जहरीले सांपों के साथ-साथ अहिराज, कोबरा (भारतीय नाग), रसेल वाइपर, करैत, सिंधु करैत और पिट वाइपर जैसे बेहद जहरीले सांप भी शामिल हैं।
बरसात में सबसे ज्यादा कॉल
उन्होंने बताया कि सालभर उन्हें रेस्क्यू कॉल मिलते रहते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में यह संख्या सबसे ज्यादा होती है। इस दौरान रोजाना 13–14 कॉल आ जाते हैं। गर्मियों में 5–6 और सर्दियों में 2–3 कॉल आते हैं। अब तक का उनका रिकॉर्ड एक ही दिन में 35 रेस्क्यू कॉल पूरे करने का रहा है।